

Vishakha Raut Caste Certificate Invalidated Mumbai: शिवसेना की वार्ड क्रमांक 191 की नगरसेविका विशाखा राऊत का जाति प्रमाणपत्र जाति जांच समिति द्वारा अवैध घोषित किए जाने के बाद बीएमसी के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मामले में प्रशासन से आगे की कार्रवाई की मांग को लेकर पूर्व विधायक सदा सरवणकर, उनकी बेटी प्रिया सरवणकर और बीएमसी में शिवसेना के गुटनेता अमेय घोले के प्रतिनिधिमंडल ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े से मुलाकात की।
प्रिया सरवणकर ने बीएमसी चुनाव में विशाखा राऊत के खिलाफ चुनाव लड़ा था। चुनाव में हार के बाद उन्होंने राऊत के जाति प्रमाणपत्र को जाति जांच समिति के समक्ष चुनौती दी थी। समिति की जांच के बाद प्रमाणपत्र को अवैध घोषित किया गया।
समिति के फैसले के बाद अब प्रशासन से नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त से मुलाकात कर मामले से जुड़े आवश्यक दस्तावेज भी सौंपे। नेताओं का कहना है कि प्रशासन को बिना किसी दबाव के नियमों के अनुसार फैसला लेना चाहिए।
आयुक्त से मुलाकात के बाद सदा सरवणकर ने विशाखा राऊत पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने करीब 20 वर्षों तक उनके साथ काम किया है और इसलिए उनके जाति प्रमाणपत्र से संबंधित जानकारी उन्हें पहले से थी। उन्होंने यह भी कहा कि एक चुनाव में उन्होंने स्वयं ओबीसी वार्ड से चुनाव लड़ा था।
शिवसेना के बीएमसी गुटनेता अमेय घोले ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त को मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज सौंप दिए हैं।
उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान मामले की पूरी जानकारी प्रशासन के सामने रखी गई है। अब इस मामले में बीएमसी प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।