प्रताप सरनाईक (pic credit; social media)
Maharashtra News: विरार पूर्व में गुरुवार को हुई इमारत दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। इस दर्दनाक हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद राज्य सरकार हरकत में आई है और प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
परिवहन मंत्री और पालघर जिले के संपर्क मंत्री प्रताप सरनाईक ने शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद करेगी। हादसे में जिन परिवारों का घर उजड़ गया है, उन्हें बोलींज म्हाडा परियोजना के 60 फ्लैट अस्थायी रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। सरनाईक ने कहा कि शनिवार तक ये घर पीड़ितों को सौंप दिए जाएंगे ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके।
उन्होंने माना कि वसई-विरार क्षेत्र में बड़ी संख्या में जर्जर और खतरनाक इमारतें मौजूद हैं। ऐसे में भविष्य में हादसे न हों, इसके लिए स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) और क्लस्टर डेवलपमेंट की योजनाएं लागू की जाएंगी। इस विषय पर उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से फोन पर चर्चा की है। शिंदे ने अगले सप्ताह मंत्रालय में बैठक बुलाकर ठोस निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
प्रताप सरनाईक ने सबसे पहले अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना और मनपा अधिकारियों को उनके बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने नगर निगम मुख्यालय में समीक्षा बैठक की और इस बात पर नाराजगी जताई कि वसई-विरार मनपा के पास एक भी राहत शिविर नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी दुर्घटना की स्थिति में विस्थापितों को ठहराने के लिए मनपा को खुद के गृह प्रकल्प तैयार करने होंगे।
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इस हादसे की जड़ अनधिकृत निर्माण और उसकी अनदेखी को मानते हुए सरनाईक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब वसई-विरार में कोई भी अवैध निर्माण खड़ा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो बिल्डर अवैध निर्माण करेंगे और जो अधिकारी इस पर आंख मूंदेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
दुर्घटनाग्रस्त इमारत में रहने वाले 28 परिवारों की तात्कालिक मदद के लिए शिवसेना विधायक राजेंद्र गावित और स्थानीय विधायक राजन नाईक ने व्यक्तिगत तौर पर 20-20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी।
विरार हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को सरकार ने राहत देने की घोषणा की है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि पीड़ित परिवारों को म्हाडा प्रकल्प के 60 घर तुरंत उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही वसई-विरार में क्लस्टर डेवलपमेंट और SRA योजना लागू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। अवैध निर्माण करने वाले बिल्डरों और उन पर आंख मूंदने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।