जाति और वर्ग की राजनीति से आगे बढ़ चुका है देश, केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का बड़ा दावा

BJP On Caste Based Politics: केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि देश जाति और वर्ग की राजनीति से आगे बढ़ चुका है। विकास, सुशासन, स्वास्थ्य आत्मनिर्भरता और जनकल्याण अब राजनीति के केंद्र हैं।
Union Minister Mansukh Mandaviya On Indian Caste Based Politics
डॉ. मांडविया वसंत स्मृति कार्यक्रम के द्वौरान मीडिया से संवाद करते (सोर्सः फाइल फोटो)
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Mansukh Mandaviya On Indian Caste Based Politics : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा है कि भारतीय राजनीति में पिछले 12 वर्षों के दौरान बड़ा बदलाव आया है और अब चुनावों का केंद्र जाति, वर्ग या समुदाय नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण बन गया है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र का ऐतिहासिक परिवर्तन बताया।

दादर स्थित भाजपा कार्यालय वसंत स्मृति में आयोजित पत्रकार परिषद में डॉ. मांडविया ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले राजनीति काफी हद तक जातीय और सामुदायिक समीकरणों पर आधारित थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास केंद्रित राजनीति को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि देश अब विकास और सुशासन के युग में प्रवेश कर चुका है।

किन्हें मिलेगा लाभ!

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचाया गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

उनके अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में 4 करोड़ से अधिक लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए 58 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए, जिससे करोड़ों गरीब परिवार पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े। उन्होंने इसे संतुलित, समावेशी और सर्वांगीण विकास का उदाहरण बताया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि कोरोना महामारी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को और अधिक स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि सरकार भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत और दीर्घकालिक तैयारियां कर रही है।

उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के तहत दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण अपनाकर मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के समन्वित विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।