अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली और भाई ठाकुर के मिलन की फोटो हुई वायरल, जानें क्यों चर्चा में आई ये तस्वीर
Arun Gawli Bhai Thakur Meeting: मुंबई के डॉन अरुण गवली और भाई ठाकुर की विरार में मुलाकात। 17 साल बाद जेल से आए डैडी की तस्वीर ने बढ़ाई हलचल।
- Written By: अनिल सिंह
Arun Gawli Meets Bhai Thakur Virar (डिजाइन फोटो)
Arun Gawli Meets Bhai Thakur Virar: मुंबई अंडरवर्ल्ड के इतिहास में कभी एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे अरुण गवली उर्फ ‘डैडी’ और वसई-विरार के बाहुबली जयेंद्र विष्णु ठाकुर उर्फ ‘भाई ठाकुर’ की एक ताजा तस्वीर ने समूचे महाराष्ट्र के आपराधिक और राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है। विरार स्थित भाई ठाकुर के आवास पर हुई इस मुलाकात ने दशकों पुरानी प्रतिद्वंद्विता के अंत और एक नई केमिस्ट्री की ओर इशारा किया है। वायरल फोटो में दोनों दिग्गज एक-दूसरे को गर्मजोशी से गले लगाते नजर आ रहे हैं।
इस मुलाकात के दौरान भाई ठाकुर ने मित्रता और सम्मान के प्रतीक के रूप में अरुण गवली को भगवान गणेश की एक अत्यंत सुंदर प्रतिमा भेंट की। कभी एक-दूसरे के प्रभाव क्षेत्र में हस्तक्षेप न करने वाले इन दो बड़े नामों का इस तरह सार्वजनिक रूप से साथ दिखना कई सवाल खड़े कर रहा है।
सांत्वना के वादे का ‘विरार’ कनेक्शन
दरअसल, इस मुलाकात के पीछे एक भावनात्मक पृष्ठभूमि है। सितंबर 2025 में 17 साल की सजा काटकर जेल से रिहा हुए अरुण गवली की अनुपस्थिति में उनकी माता लक्ष्मीबाई गवली का निधन हो गया था। उस समय, भाई ठाकुर ने पुरानी रंजिशें भुलाकर मानवीय आधार पर भायखला स्थित गवली के घर जाकर परिवार को सांत्वना दी थी। तब गवली कुछ दिनों के लिए पैरोल पर बाहर थे, और उसी समय भाई ठाकुर ने उन्हें विरार आने का निमंत्रण दिया था। जेल से स्थाई रिहाई के बाद अब गवली ने विरार पहुंचकर अपना वह वादा पूरा किया है।
सम्बंधित ख़बरें
Navi Mumbai International Airport से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स में देरी, अब 15 मई से शुरू होने की उम्मीद
Mira Bhayandar के मनपा स्कूलों में लैब का अभाव, बिना प्रयोग के पढ़ रहे छात्र
100 साल पुराने KEM Hospital का नाम बदलने पर बवाल, नेताओं ने उठाए सवाल
बंदर पकड़ो, इनाम पाओ: महाराष्ट्र वन विभाग का बड़ा ऐलान, ‘मानव-वानर संघर्ष’ रोकने को नई योजना
ये भी पढ़ें- बंदर पकड़ो, इनाम पाओ: महाराष्ट्र वन विभाग का बड़ा ऐलान, ‘मानव-वानर संघर्ष’ रोकने को नई योजना
चर्चाओं का बाजार गर्म: दोस्ती या कुछ और?
हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे एक ‘सद्भावना भेंट’ बताया जा रहा है, लेकिन मुंबई और वसई-विरार की जनता के बीच इस मुलाकात के निहितार्थों को लेकर गहरी उत्सुकता है। राजनीतिक विश्लेषक इसे केवल पुरानी यादों को ताजा करना भर नहीं मान रहे हैं। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या इस मुलाकात के पीछे कोई बड़ा व्यापारिक समझौता या आने वाले चुनावों के मद्देनजर कोई नया राजनीतिक समीकरण छिपा है?
फिलहाल, पर्दे के पीछे की कहानी जो भी हो, लेकिन ‘डैडी’ और ‘भाई ठाकुर‘ की इस वायरल तस्वीर ने यह साबित कर दिया है कि अपराध और राजनीति की दुनिया में कोई भी दुश्मन स्थाई नहीं होता। मुंबईवासी अब इस मिलन के बाद होने वाले अगले घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
