महाराष्ट्र में 526 अनधिकृत स्कूल, सिर्फ 43 बंद; 429 को नोटिस के बाद केवल 8 से वसूला जुर्माना

Maharashtra Illegal Schools: महाराष्ट्र में 526 अनधिकृत स्कूलों में से सिर्फ 43 बंद हुए और 155 पर FIR हुई। 429 को नोटिस के बावजूद महज 8 से ही जुर्माना वसूल सका है शिक्षा विभाग।
526 unauthorized schools in Maharashtra, only 43 shut down; fines collected from just 8 out of 429 issued notices.
महाराष्ट्र में अनधिकृत स्कूल, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स-सोशल मीडिया
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Maharashtra Unauthorized Schools: महाराष्ट्र में अनधिकृत स्कूलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इनके खिलाफ शिक्षा विभाग की कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी है। राज्य में कुल 526 अनधिकृत स्कूल सामने आए हैं। इनमें से केवल 155 स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि 429 स्कूलों को दंडात्मक नोटिस जारी करने के बावजूद महज 8 स्कूलों से ही जुर्माना वसूला जा सका है।

शिक्षा संचालनालय (माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सामने आए 526 अनधिकृत स्कूलों में से केवल 43 स्कूलों को बंद किया गया है।

इनमें सबसे अधिक अनधिकृत स्कूल मुंबई विभाग में हैं। मुंबई विभाग में 452 अनधिकृत स्कूल पाए गए हैं, लेकिन इनमें से केवल 23 स्कूलों पर बंद करने की कार्रवाई हुई है। इसी तरह पुणे विभाग में 53 में से 14 और नागपुर विभाग में 11 में से 5 अनधिकृत स्कूल बंद किए गए हैं। नाशिक विभाग में 4, छत्रपति संभाजीनगर में 4 और अमरावती विभाग में 2 अनधिकृत स्कूल पाए गए हैं।

विभाग की उदासीनता पर उठे सवाल

सरकारी नियमों के अनुसार बिना मान्यता स्कूल चलाने वालों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के साथ मामला दर्ज करने का प्रावधान है। इसके बावजूद 429 स्कूलों को दंडात्मक नोटिस जारी किए जाने के बाद भी केवल 8 स्कूलों से जुर्माना वसूल हो सका है। इससे शिक्षा विभाग की कार्रवाई में बरती जा रही कथित उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं।

अंतिम मान्यता से पहले ही शुरू कर देते हैं स्कूल

बताया जा रहा है कि कई संस्थाएं आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) मिलने के बाद अंतिम मान्यता मिलने से पहले ही स्कूल शुरू कर देती हैं। इसके कारण राज्य में अनधिकृत स्कूलों की संख्या बढ़ती जा रही है।

शिक्षा संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही सभी अनधिकृत स्कूलों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर उन्हें बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना होगा कि विभाग इन निर्देशों पर कितनी तेजी से अमल करता है।

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