उद्धव ठाकरे के राम रक्षा आंदोलन में मोहन भागवत को न्योता, संजय राउत ने RSS प्रमुख को लिखा पत्र

Uddhav Thackeray Ram Raksha Andolan: शिवसेना (UBT) द्वारा नागपुर में आयोजित 'राम रक्षा आंदोलन' के लिए संजय राउत ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखा है।
Uddhav Thackeray Mohan Bhagwat
उद्धव ठाकरे और मोहन भागवत (फोटो क्रेडिट-X)
Updated on

Uddhav Thackeray Invitation To Mohan Bhagwat: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के मामले को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया सियासी घमासान शुरू हो गया है। इस मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरने के लिए शिवसेना (यूबीटी) द्वारा 18 जुलाई को नागपुर में एक विशाल 'राम रक्षा आंदोलन' का आयोजन किया जा रहा है।

इस आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत को एक औपचारिक पत्र लिखकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का खुला न्योता दिया है। संजय राउत ने इस निमंत्रण पत्र की जानकारी अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सार्वजनिक की है, जिससे राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं छिड़ गई हैं।

राम मंदिर में चढ़ावे के गबन का आरोप; हिंदुओं की आस्था को ठेस

संजय राउत ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भेजे गए अपने पत्र में अयोध्या राम मंदिर के भीतर बहुमूल्य आभूषणों और दान में मिले चढ़ावे के कथित गबन का प्रमुखता से जिक्र किया है। राउत ने दावा किया कि इस बेहद संवेदनशील और निंदनीय घटना से पूरी दुनिया के करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक आस्था को गहरी ठेस पहुंची है।

उन्होंने पत्र में आगे लिखा है कि भगवान श्री राम की पवित्रता और मंदिर की मर्यादा की रक्षा करने के साथ-साथ आम जनता के बीच इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने के लिए ही शिवसेना (यूबीटी) ने यह राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है। गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का यह संवेदनशील मामला पिछले महीने ही सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, जिसकी 23 जून को आई प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृहनगर में उद्धव ठाकरे करेंगे शक्ति प्रदर्शन

शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खुद शनिवार को नागपुर पहुंचकर इस 'राम रक्षा आंदोलन' की कमान संभालेंगे। यह आंदोलन विशेष रूप से मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के गृहनगर नागपुर में आयोजित किया जा रहा है, जिसे विपक्ष के एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। संजय राउत ने राजनीतिक सौहार्द दिखाते हुए गुरुवार (16 जुलाई) को मुख्यमंत्री फडणवीस को भी इस आंदोलन में शामिल होने का न्योता भेजा है।

इस बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान नागपुर और आसपास के जिलों से हजारों राम भक्तों और शिवसैनिकों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है। यह मुख्य प्रदर्शन दादर कबूतरखाना के समीप स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के पास आयोजित होगा, जहां स्वयं उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर सामूहिक रूप से 'राम रक्षा स्तोत्र', 'हनुमान स्तोत्र' और 'हनुमान चालीसा' का श्रद्धापूर्वक पाठ करेंगे।

दान और चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताओं के खिलाफ जवाबदेही की मांग

शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं के अनुसार, इस पूरे आंदोलन का मुख्य और स्पष्ट मकसद अयोध्या राम मंदिर में देश-विदेश के श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन में हो रही कथित अनियमितताओं के खिलाफ सख्त जवाबदेही तय करना है। पार्टी का आरोप है कि राम मंदिर ट्रस्ट और संबंधित अधिकारियों के रहते हुए इतनी बड़ी हेराफेरी कैसे संभव हुई, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए।

संजय राउत ने उम्मीद जताई है कि चूंकि आरएसएस और मोहन भागवत हमेशा से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं, इसलिए उन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और शिवसेना के इस पवित्र आंदोलन का समर्थन करना चाहिए। अब देखना यह होगा कि शनिवार को होने वाले इस बड़े आंदोलन पर आरएसएस और भाजपा खेमे से क्या प्रतिक्रिया आती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com