

Shaina NC Cyber Fraud: देश के प्रमुख राजनीतिक नेता इन दिनों शातिर साइबर अपराधियों और हाई-टेक हैकर्स के सीधे निशाने पर आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा के व्हाट्सऐप अकाउंट को हैक किए जाने की हालिया घटना के कुछ ही दिनों बाद अब एक और बड़ा मामला सामने आया है। इस बार शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी इस गंभीर साइबर ठगी का शिकार बनी हैं।
साइबर अपराधियों ने शाइना एनसी के आधिकारिक व्हाट्सऐप अकाउंट में सेंधमारी करते हुए उसे पूरी तरह हैक कर लिया। इसके बाद ठगों ने उनके अकाउंट का इस्तेमाल करके उनकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल कई वीआईपी और परिचितों को तत्काल आर्थिक मदद भेजने के फर्जी संदेश प्रसारित किए। हैकर्स ने मदद के नाम पर शाइना के नाम से संदेश भेजे और कुछ ही घंटों के भीतर लाखों रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दे डाला।
पुलिस जांच और शिकायत के मुताबिक, साइबर ठगों ने शाइना एनसी के व्हाट्सऐप से उनके करीबियों को बेहद चतुराई से "कुछ तत्काल मदद चाहिए" लिखकर संदेश भेजे। इन मैसेजेस में सामने वाले से तुरंत 49,000 रुपये एक डिजिटल अकाउंट में ट्रांसफर करने की मांग की गई थी। साथ ही मैसेज में यह झूठा भरोसा भी दिलाया गया था कि यह बेहद आपातकालीन स्थिति है और महज दो घंटे के भीतर यह पूरी रकम सुरक्षित वापस लौटा दी जाएगी।
शाइना के परिचितों और पारिवारिक मित्रों ने इस व्हाट्सऐप मैसेज को पूरी तरह वास्तविक और शाइना की ओर से आया हुआ मानते हुए बिना कोई दोबारा पुष्टि किए तुरंत रकम ट्रांसफर कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कम से कम आठ लोगों ने ठगों के झांसे में आकर पैसे भेज दिए। इस तरह हैकर्स ने केवल 8 लोगों से कुल 3.92 लाख रुपये की अवैध वसूली कर ली। एक पीड़ित ने बताया कि शाइना के परिवार से पुराने संबंध होने के कारण उन्हें मैसेज पर जरा भी संदेह नहीं हुआ था।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर सामने आया है। शाइना एनसी ने बताया कि जैसे ही उन्हें अपना अकाउंट हैक होने और परिचितों को फर्जी मैसेज जाने की भनक लगी, उन्होंने बिना कोई समय गंवाए तुरंत पुलिस प्रशासन को इसकी आधिकारिक सूचना दे दी। उन्होंने पुलिस से हैकर द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे गूगल पे (जीपे) अकाउंट को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक करने का लिखित और मौखिक अनुरोध किया था।
शाइना के अनुसार, दोपहर 1:58 बजे ही पुलिस विभाग को औपचारिक शिकायत सौंप दी गई थी। इसके बावजूद तकनीकी और प्रशासनिक कार्रवाई में भारी देरी की गई, जिसका फायदा उठाकर ठग कई घंटों तक उनके कॉन्टैक्ट्स से लगातार चैटिंग करते रहे। पुलिस की ढिलाई के कारण शाम करीब छह बजे तक शाइना के नाम पर पैसे ट्रांसफर होते रहे।
कार्रवाई में हुई इस लापरवाही को लेकर शिवसेना प्रवक्ता ने मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर बेहद तीखे और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की सीधी शिकायत करते हुए अपनी भारी नाराजगी व्यक्त की है। शाइना ने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में हर एक मिनट और सेकेंड बेहद महत्वपूर्ण होता है क्योंकि डिजिटल ट्रांजैक्शन बहुत तेजी से होते हैं।
उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि यदि सत्ताधारी दल की एक प्रमुख महिला नेता के मामले में शिकायत के बाद भी पुलिस इतनी देरी से कदम उठाती है, तो राज्य के आम नागरिकों को साइबर ठगी का शिकार होने पर न्याय मिलने में कितनी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता होगा, इसका अंदाजा इस एक मामले से आसानी से लगाया जा सकता है। उन्होंने मांग की है कि यदि समय रहते बैंक और जीपे अकाउंट फ्रीज कर दिए जाते तो कई लोगों की मेहनत की कमाई डूबने से बचाई जा सकती थी।