

सावरकर सभागृह में मुख्यमंत्री और ठाकरे बंधुओं की गुप्त बैठक हुई।
मराठी व्यंग्यचित्रकला पुस्तक के विमोचन समारोह में तीनों दिग्गज एक मंच पर आए।
बंद कमरे में हुई इस चर्चा से राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं।
Thackeray Brothers Secret Meeting CM Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र के राजनीतिक पटल पर आज एक बेहद दुर्लभ और ध्यान खींचने वाला घटनाक्रम देखने को मिला है। दादर स्थित स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मारक सभागृह में आयोजित एक पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ एक ही मंच पर नजर आए।
यह भव्य कार्यक्रम ग्रंथाली प्रकाशन की ओर से आयोजित किया गया था, जहां वरिष्ठ व्यंग्यचित्रकार प्रशांत कुलकर्णी द्वारा संपादित पुस्तक 'महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा' का औपचारिक विमोचन हुआ। यह पुस्तक मराठी कार्टून कला के 100 वर्षों के ऐतिहासिक सफर और विकास यात्रा को दर्शाती है। हालांकि, मंच पर दिखी इस दुर्लभ तस्वीर से भी ज्यादा चर्चा कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत से ठीक पहले घटित हुई एक विशेष घटना की हो रही है।
इस कार्यक्रम के औपचारिक आरंभ से ठीक पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच बंद कमरे में एक सीक्रेट मीटिंग आयोजित हुई। महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक खींचतान और कड़वाहट के बीच इन तीनों प्रमुख दिग्गजों के बीच बंद कमरे के भीतर क्या बातचीत हुई, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों और मीडिया में तरह-तरह के कयास और अटकलें तेजी से लगाई जा रही हैं।
इन तीनों नेताओं की अचानक हुई इस सीक्रेट मीटिंग और एक साथ मंच साझा करने को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके पीछे हालिया कई ज्वलंत राजनीतिक घटनाक्रम जुड़े हुए हैं।
टोरेंट पावर प्रोजेक्ट विवाद: मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने हाल ही में रायगढ़ जिले के कर्जत में स्थित टोरेंट पावर प्रोजेक्ट के मुद्दे पर राज्य सरकार पर काफी तीखा हमला बोला था।
ठाणे का प्रदीप पूर्णेकर मामला: ठाणे में सामने आए प्रदीप पूर्णेकर मामले को लेकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना काफी आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इस मामले में आदित्य ठाकरे ने सीधे तौर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
चुनाव परिणाम के बाद महायुति में दरार: हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों में MVA ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि महायुति को केवल 2 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।इस हार के बाद भाजपा और शिवसेना के बीच खुले तौर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
इन सभी गर्मा-गर्म राजनीतिक परिस्थितियों के बीच राज्य के तीन सबसे बड़े नेताओं का एक साथ आना और बंद कमरे में चर्चा करना राजनीतिक हलकों में नए समीकरणों की चर्चा को हवा दे रहा है।
राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई इन अटकलों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्थिति साफ करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एक सांस्कृतिक और अलग प्रकार का कार्यक्रम था। दरेकर ने स्पष्ट किया कि ये सभी दिग्गज नेता मराठी व्यंग्यचित्रकला की यात्रा पर आधारित पुस्तक के विमोचन के अवसर पर एकत्र हुए थे।
उन्होंने आगे कहा कि तीन बड़े नेताओं के एक मंच पर आने या मिलने का मतलब हर बार यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि इसके पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा या राजनीति ही है। इसके बावजूद, महाराष्ट्र की राजनीति में अचानक घटित इस घटनाक्रम ने राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनता दोनों का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींच लिया है।