कोंकण में शिंदे को घेरने के लिए उद्धव ठाकरे का 'मास्टर प्लान'; जानें किसे मिलेगा विधान परिषद का टिकट?

Maharashtra MLC Election 2026: विधान परिषद चुनाव में वैभव नाईक को मिल सकता है मौका। कोंकण में शिंदे को रोकने के लिए उद्धव ठाकरे की बड़ी तैयारी।
Uddhav Thackeray MLC Election Plan
Uddhav Thackeray MLC Election Plan (फोटो क्रेडिट-X)
Published on
Updated on

Uddhav Thackeray MLC Election Plan: महाराष्ट्र की राजनीति में आगामी 12 मई 2026 को होने वाले विधान परिषद (MLC) की नौ सीटों के चुनाव ने सरगर्मी बढ़ा दी है। संख्या बल के हिसाब से जहाँ भाजपा के खाते में पांच सीटें जाती दिख रही हैं, वहीं महायुति के अन्य घटकों और महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच एक-एक सीट के लिए कांटे की टक्कर है। इस बीच, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कोंकण क्षेत्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए एक बड़ा 'मास्टर प्लान' तैयार किया है।

चर्चा है कि उद्धव ठाकरे स्वयं विधान परिषद चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं। ऐसी स्थिति में ठाकरे सेना अपने किसी 'वफादार शिलादार' को सदन में भेजने की तैयारी कर रही है। इस रेस में सबसे आगे वैभव नाईक का नाम चल रहा है। वैभव नाईक वही नेता हैं जिन्होंने 15 साल पहले कोंकण के दिग्गज नारायण राणे को शिकस्त दी थी। कोंकण को शिवसेना का अभेद्य किला माना जाता था, लेकिन शिंदे की बगावत के बाद वहां समीकरण बदले हैं। वैभव नाईक को उम्मीदवार बनाकर ठाकरे फिर से कोंकण के शिवसैनिकों में जोश भरने की कोशिश कर रहे हैं।

सुषमा अंधारे और सूरज चव्हाण की दावेदारी

अगर उद्धव ठाकरे कोई चौंकाने वाला फैसला लेते हैं, तो पार्टी की तेजतर्रार प्रवक्ता सुषमा अंधारे का नाम भी रेस में है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अंधारे, रश्मि ठाकरे के माध्यम से अपनी दावेदारी मजबूत कर रही हैं। जिस तरह शिंदे सेना ने ज्योति वाघमारे को अचानक मौका दिया था, उसी तर्ज पर ठाकरे सेना अंधारे को मैदान में उतार सकती है। इसके अलावा, युवा सेना के पदाधिकारी सूरज चव्हाण का नाम भी चर्चा में है, जो संजय राउत और वरुण सरदेसाई के जरिए प्रयास कर रहे हैं।

महाविकास अघाड़ी के भीतर खींचतान

MVA के पास फिलहाल एक सीट जीतने का कोटा है। घटक दल इस शर्त पर ठाकरे सेना को यह सीट देने को तैयार थे कि उद्धव ठाकरे खुद चुनाव लड़ें। लेकिन उनके पीछे हटने की खबरों के बीच कांग्रेस ने इस सीट पर अपना दावा ठोक दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष के पूर्व नेता अंबादास दानवे के माध्यम से शिवसेना (UBT) इस सीट को अपने पास बरकरार रख पाती है या नहीं।

कोंकण का 'स्वर्णिम युग' और चुनावी गणित

ठाकरे सेना का पूरा ध्यान अब कोंकण पर केंद्रित है। वैभव नाईक की छवि एक कट्टर और निष्ठावान शिवसैनिक की है, जो कठिन समय में भी ठाकरे के साथ खड़े रहे। आम शिवसैनिकों का मानना है कि यदि नाईक को मौका मिलता है, तो कोंकण में एक बार फिर शिवसेना (UBT) का 'स्वर्णिम युग' लौट सकता है। अंतिम फैसला मातोश्री से होना है, जिसका इंतजार राज्य के तमाम राजनीतिक पंडित कर रहे हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com