महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों पर चुनाव का रास्ता साफ; '75 प्रतिशत' वाले नियम ने बदली चुनावी तस्वीर

Maharashtra MLC Election: स्थानीय निकाय कोटे की 17 रिक्त सीटों पर चुनाव की तैयारी। 75% मतदान नियम के आधार पर अगले 6 महीने में होगा मतदान।
Maharashtra Vidhan Parishad Election 2026
Maharashtra Vidhan Parishad Election 2026 (फोटो क्रेडिट-X)
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Maharashtra Vidhan Parishad Election 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में एक लंबे इंतजार के बाद स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों से विधान परिषद (MLC) की रिक्त 17 सीटों पर चुनाव का मार्ग प्रशस्त हो गया है। साल 2020 से स्थानीय निकायों के चुनाव लंबित होने के कारण ये सीटें चरणबद्ध तरीके से रिक्त होती जा रही थीं। अब चुनाव आयोग की सक्रियता और '75 प्रतिशत मतदान नियम' के कारण अगले तीन से छह महीनों के भीतर इन सीटों पर मतदान होने की प्रबल संभावना है।

पिछले छह महीनों में राज्य के 12 जिलों में विभिन्न निकायों के चुनाव संपन्न हुए हैं, जबकि शेष जिलों में ओबीसी आरक्षण के चलते जिला परिषद चुनाव अटके हुए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग के नियमों ने इस गतिरोध को सुलझा लिया है।

क्या है 75 प्रतिशत का समीकरण?

चुनाव आयोग के उच्च पदस्थ अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं (निर्वाचित प्रतिनिधियों) की संख्या 75 प्रतिशत से अधिक है, तो वहां चुनाव कराए जा सकते हैं। वर्तमान में पुणे, सोलापुर, सांगली-सतारा और रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग जैसी सीटों पर मतदाता संख्या का कोटा पूरा हो चुका है। जिन 24 जिलों में जिला परिषद चुनाव लंबित हैं, वहां भी नगर निगमों और नगर पंचायतों के सदस्यों को मिलाकर मतदाताओं की संख्या 75 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर रही है।

जिला परिषद सदस्य रह सकते हैं वंचित

इस नए समीकरण का एक पहलू यह भी है कि जिन 20 जिलों में ओबीसी आरक्षण के कारण जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव नहीं हुए हैं, वहां के सदस्य इस मतदान प्रक्रिया से वंचित रह सकते हैं। यदि चुनाव आयोग 75 प्रतिशत मतदाताओं वाली सूची के आधार पर चुनाव की अधिसूचना जारी करता है, तो केवल वर्तमान में कार्यरत प्रतिनिधि ही वोट डाल सकेंगे।

इन 17 सीटों पर होनी है वोटिंग

विधान परिषद की ये सीटें राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी हैं:

जून-नवंबर 2024 से रिक्त: नागपुर, नासिक, अमरावती, परभणी-हिंगोली, वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली।

2022 से लंबित: पुणे, ठाणे-पालघर, सांगली-सतारा, जलगांव, नांदेड़, यवतमाल, भंडारा-गोंदिया।

जनवरी 2022/अन्य: सोलापुर, अहिल्यानगर (अहमदनगर), छत्रपति संभाजीनगर-जालना और बीड-उस्मानाबाद-लातूर।

चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन से मतदाता सूची उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। सूची प्राप्त होते ही मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

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