कांदिवली में मचा हंगामा, मंत्री के सामने आपस में भिड़ गए BJP के 2 गुट
महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक है। ऐसे में हर इच्छुक कार्यकर्ता पार्टी की तरफ से चुनाव में खड़ा होना चाहता है। इसी दौरान कांदिवली में एक किस्सा देखा गया, जहां मंत्री के सामने ही बीजेपी के दो गुट आपस में भिड़ गए।
- Written By: प्रिया जैस
आशीष शेलार (सौजन्य-एक्स) (फाइल फोटो )
मुंबई: मुंबई महापालिका चुनाव कुछ ही महीनों दूर हैं और सभी दल अपने-अपने प्रभागों में संगठन मजबूत करने की तैयारी में जुटे हैं। चुनाव में टिकट पाने के लिए सभी पार्टी कार्यकर्ताओं में होड़ लगी है। पार्टी कार्यकर्ता टिकट के लिए अपना पूरा जोर लगा रहे है। इसी बीच भाजपा के भीतर कांदिवली के जानुपाड़ा इलाके में मंत्री आशीष शेलार की मौजूदगी में भाजपा के दो गुटों आपस में भिड़ गए। दोनों गुटों में जोरदार हाथापाई भी हुई।
मारपीट होने के बाद दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी शिकायत लेकर समतानगर पुलिस स्टेशन का रुख किया। लेकिन पार्टी की प्रतिष्ठा बचाने के लिए वरिष्ठ नेता आगे आए। अंततः वरिष्ठ नेताओं ने मामले को पार्टी स्तर पर सुलझाने का निर्देश दिया और विवाद फिलहाल शांत हो गया। मंत्री आशीष शेलार जानुपाड़ा के वनभूमि क्षेत्र में रहने वाले निवासियों की समस्याओं को सुनने के लिए वहां पहुंचे थे।
ये है पूरा मामला
जैसे ही वे अपनी कार से उतरे, भाजपा के दो गुट आपस में भिड़ गए। यह झगड़ा आगामी महापालिका चुनाव में टिकट पाने की होड़ का परिणाम माना जा रहा है। निशा परूलेकर और देवांग दवे दोनों ही चुनाव के लिए इच्छुक हैं। निशा परूलेकर को पिछले महापालिका चुनाव में टिकट मिला था, लेकिन वे हार गई थीं। आशीष शेलार का स्वागत करने भाजपा चुनाव समिति के सदस्य देवांग दवे आगे बढ़े तो विधायक प्रवीण दरेकर के भाई प्रकाश दरेकर और दवे के बीच तंज-कटाक्ष शुरू हो गए।
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विवाद को फिलहाल दिया विराम
इसी दौरान दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। पुलिस की मध्यस्थता के बाद विवाद शांत हुआ, लेकिन दोनों गुट शिकायत लेकर समतानगर पुलिस स्टेशन पहुंचे। हालांकि, पार्टी की बेइज्जती न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नेताओं ने दोनों पक्षों से विवाद न बढ़ाने और मामले को पार्टी स्तर पर ही सुलझाने को कहा। इसी के साथ विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है।
बता दें, कि नगरपालिका चुनाव के लिए अभी तक सत्तारूढ़ गठबंधन में ये फैसला नहीं लिया गया है कि चुनाव अकेले या फिर एक होकर लडेंगे। महायुति में पार्टियां अभी तक एकला चलो का फॉर्मूला इस्तेमाल करती हुई नजर आ रही है।
