महाराष्ट्र के 2 लाख आदिवासियों को बड़ी सौगात! अब मिलेगा अलग सातबारा, बैंक लोन और सरकारी मदद का रास्ता साफ

Maharashtra Forest Land Rights: महाराष्ट्र सरकार के ऐतिहासिक फैसले से अब वनपट्टाधारक आदिवासियों को अलग सातबारा (7E) मिलेगा। इससे उन्हें बैंक लोन, फसल बीमा और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
Maharashtra Tribal Separate Satbara Decision
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Maharashtra Tribal Separate Satbara Decision: महाराष्ट्र सरकार ने वनाधिकार कानून के तहत जमीन पाने वाले राज्य के लाखों आदिवासी परिवारों के हक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार के इस नए कदम के तहत, अब वनपट्टाधारकों को एक अलग सातबारा और 'गांव नमूना 12ई' (Village Form 12E) दिया जाएगा। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की। सरकार के इस फैसले से पूरे महाराष्ट्र के 2 लाख से अधिक आदिवासी परिवारों के जीवन में एक क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।

पुरानी व्यवस्था से क्यों परेशान थे आदिवासी किसान?

अब तक की व्यवस्था के अनुसार, वनपट्टाधारक आदिवासी किसानों का नाम मुख्य सातबारा के अधिकार अभिलेख में केवल 'अन्य अधिकार' के कॉलम में दर्ज किया जाता था। मालिकाना हक स्पष्ट न होने के कारण इन किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता था।

इन्हें न तो आधिकारिक किसान आईडी मिल पाती थी और न ही बैंक से आसानी से कृषि ऋण मिल पाता था। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदा की स्थिति में मिलने वाली सरकारी राहत और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ उठाने में भी इन्हें प्रशासनिक और कानूनी पेचीदगियों का सामना करना पड़ता था।

'नमूना 7ई' और '12ई' से कैसे बदलेगी तस्वीर?

आदिवासियों की इसी बड़ी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने विशेष नमूना 7ई और गांव नमूना 12ई लागू करने का फैसला किया है।

  • नमूना 7ई (Form 7E): इसमें वन भूमि के वास्तविक लाभार्थी (आदिवासी किसान) का नाम मुख्य धारक के रूप में दर्ज होगा।
  • गांव नमूना 12ई (Form 12E): इस फॉर्म में किसान द्वारा जमीन पर उगाई जाने वाली फसलों का पूरा रिकॉर्ड आधिकारिक रूप से रखा जाएगा।

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद, आदिवासी किसानों को फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), AgriStack और अन्य डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिल सकेगा।

सर्वे के बाद रिकॉर्ड होगा दर्ज

वन ब्लॉक क्षेत्र की जमीनों का भूमि अभिलेख विभाग सर्वे करेगा। सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित जमीन का रिकॉर्ड नए नमूनों में दर्ज किया जाएगा।

विपक्ष ने किया स्वागत

विपक्षी दल कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार और नाना पटोले ने महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार के इस फैसले का स्वागत किया। सरकार ने ग्राम वनाधिकार समितियों के पुनर्गठन पर भी सकारात्मक रुख जताया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com