तीसरी मुंबई का रास्ता साफ! अटल सेतु के पास बसेगा नया शहर, जमीन मालिकों को मिलेगा 22.5% प्लॉट; जानें पूरी नीति
Third Mumbai Project: मुंबई में रहने का सपना होगा और भी खास! सरकार ने 'तीसरी मुंबई' के लिए जमीन अधिग्रहण नीति को दी मंजूरी। जानें कैसे अटल सेतु के पास यह आधुनिक शहर बसेगा।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Third Mumbai Land Acquisition Policy: मुंबई और नवी मुंबई के बाद अब महाराष्ट्र में ‘तीसरी मुंबई’ का सपना हकीकत बनने जा रहा है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने अटल सेतु (MTHL) से प्रभावित इलाकों में कर्नाला-साई-चिरनेर नाम से एक नया शहर बसाने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राज्य सरकार ने इस नए शहर के लिए जमीन अधिग्रहण और जमीन वितरण की नीति को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है।
क्या है जमीन वितरण की नई पॉलिसी?
महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी हालिया नोटिफिकेशन के अनुसार, इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के बदले जमीन मालिकों को आकर्षक मुआवजा दिया जाएगा।
22.5% विकसित प्लॉट की वापसी: परियोजना के लिए ली गई जमीन के बदले, जमीन मालिकों को कुल विकसित क्षेत्र का 22.5 प्रतिशत हिस्सा वापस किया जाएगा।
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कैश मुआवजे का विकल्प: यदि 22.5% वापसी के तहत मिलने वाले प्लॉट का क्षेत्रफल 40 स्क्वायर मीटर से कम होता है, तो ऐसी स्थिति में सरकार संबंधित मालिक को नकद मुआवजा प्रदान करेगी।
अटल सेतु: विकास का नया इंजन
अटल सेतु के निर्माण ने मुंबई और नवी मुंबई के बीच की दूरी को मिनटों में समेट दिया है। इसी कनेक्टिविटी का लाभ उठाने के लिए MMRDA ने इस क्षेत्र के आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। ‘तीसरी मुंबई’ केवल एक रिहायशी इलाका नहीं होगा, बल्कि यह व्यापार, आईटी हब और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का केंद्र बनेगा।
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क्यों जरूरी है तीसरी मुंबई?
मुंबई में बढ़ते जनसंख्या के दबाव और रियल एस्टेट की आसमान छूती कीमतों के बीच, तीसरी मुंबई एक बेहतर और किफायती विकल्प के रूप में उभरेगी। यहाँ स्मार्ट सिटी की तर्ज पर चौड़ी सड़कें, सार्वजनिक परिवहन, पार्क और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि नवी मुंबई और उरण के आसपास के ग्रामीण इलाकों को सुनियोजित तरीके से विकसित कर वहां वैश्विक स्तर की सुविधाएं दी जाएं। इस मंजूरी के बाद अब बुनियादी ढांचे के निर्माण में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
