अगर चुन कर आए हैं तो काम करें! बंगाल में सुवेंदु के अधिकार पर बरसे राकांपा(SP) नेता क्लाइड क्रास्टो
BJP Washing Machine: एनसीपी (SP) प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने सुवेंदु अधिकारी के सीएम बनने पर तंज कसा। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' राजनीति को घेरा।
- Written By: गोरक्ष पोफली
क्लाइड क्रास्टो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Clyde Crasto Statement: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर तीखा तंज कसा है। क्रास्टो ने सुवेंदु अधिकारी के पुराने और वर्तमान राजनीतिक चरित्र की तुलना करते हुए भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन’ वाली छवि पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा की वॉशिंग मशीन और सुवेंदु का सफर
क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि यह वही सुवेंदु अधिकारी हैं, जो जब टीएमसी (TMC) में थे, तब भाजपा उन पर गंभीर आरोप लगा रही थी और उनसे पूछताछ की जा रही थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की वॉशिंग मशीन में धुलने के बाद आज वही नेता मुख्यमंत्री बन गए हैं। क्रास्टो ने कहा, कल बंगाल में शपथ ग्रहण हुआ। अब सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बन गए हैं। हमारी अपेक्षा है कि वे बंगाल की जनता की सेवा करेंगे।
Mumbai, Maharashtra: NCP (SP) National Spokesperson Clyde Crasto says, “In West Bengal, yesterday the oath was taken. Mr. Suvendu Adhikari has now become the CM. It is our expectation that he will serve the people of Bengal. But some time ago, this is the same Suvendu Adhikari… pic.twitter.com/MFBYEPvAil — IANS (@ians_india) May 10, 2026
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जीत की प्रामाणिकता पर उठाए सवाल
विपक्षी दल के नेता के बयान में इस्तेमाल किए गए शब्द अगर चुन कर आए हैं ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। एनसीपी (SP) के नेता ने इस बात पर संदेह जताया है कि क्या भाजपा की यह जीत पूरी तरह निष्पक्ष थी। उन्होंने मतगणना की प्रक्रिया और तकनीकी (SIR) मुद्दों का जिक्र करते हुए भाजपा को घेरा। क्लाइड क्रास्टो के इस बयान से साफ पता चलता है कि विपक्षी गठबंधन अभी भी भाजपा की चुनावी जीत को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पा रहा है।
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बंगाल पर ध्यान देने की नसीहत
क्रास्टो ने सुवेंदु अधिकारी को नसीहत देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद अब उन्हें राजनीतिक उठापटक के बजाय बंगाल के विकास और वहां की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस नेता की ईमानदारी पर भाजपा पहले सवाल उठाती थी, अब उसे शीर्ष पद पर बैठाकर भाजपा जनता को क्या संदेश दे रही है?
