सुप्रिया सुले और विनोद तावड़े एक ही कार में हुए सवार, महाराष्ट्र की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म

Maharashtra Politics News: दिल्ली में जल जीवन मिशन की बैठक के बाद सुप्रिया सुले और विनोद तावड़े के एक ही कार में जाने से राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं। अमोल कोल्हे ने दी सफाई।
Supriya Sule and Vinod Tawde set out in the same car; politics heats up again over NCP-BJP proximity
सुप्रिया सुले, विनोद तावड़े सोर्स- सोशल मीडिया
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Supriya Sule Vinod Tawde Car Meeting: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार गुट और बीजेपी के बीच बढ़ती कथित नजदीकियों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। गुरुवार को दिल्ली में NCP सांसद सुप्रिया सुले और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े एक बैठक के बाद एक ही कार में रवाना हुए। इसके बाद राकां के एनडीए में शामिल होने को लेकर राजनीतिक अटकलों का दौर शुरू हो गया।

महाराष्ट्र सदन की बैठक से साथ निकले दोनों नेता

जानकारी के अनुसार, दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में जल जीवन मिशन को लेकर बैठक चल रही थी। इसी दौरान सुप्रिया सुले और विनोद तावड़े बैठक से बाहर निकले और एक ही कार से रवाना हुए। दोनों नेताओं के साथ जाने की तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसके संभावित सियासी मायनों को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

क्या यह महज संयोग है या राजनीतिक संकेत?

सुप्रिया सुले और विनोद तावड़े के साथ जाने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि यह सिर्फ एक सामान्य घटनाक्रम था या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश भी है। हाल के दिनों में राकां और बीजेपी के बीच बढ़ती नजदीकियों की चर्चाओं के बीच इस घटना ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।

अमोल कोल्हे बोले- राजनीतिक मतलब न निकालें

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सांसद अमोल कोल्हे ने इस घटनाक्रम को लेकर कहा कि दोनों नेता एक ही बैठक में शामिल होने के बाद वहां से रवाना हुए हैं। इसलिए उनके साथ जाने का कोई राजनीतिक अर्थ निकालने की जरूरत नहीं है। राकां के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने भी कहा कि दोनों नेता एक साथ गए हैं और यह सामान्य घटना है।

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जल जीवन मिशन की फंडिंग पर सांसदों की नाराजगी

इसी बैठक में जल जीवन मिशन की फंडिंग को लेकर सत्ताधारी और विपक्षी दलों के सांसदों ने नाराजगी जताई। सांसदों की मांग थी कि योजना के खर्च में केंद्र और राज्य सरकारों की हिस्सेदारी 50-50 प्रतिशत होनी चाहिए। फंडिंग के मुद्दे पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

पीएम मोदी से भी मिल चुके हैं राकां सांसद

इससे पहले सुप्रिया सुले की अगुवाई में राकां सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। ऐसे में बीजेपी नेताओं के साथ हालिया मुलाकातों और संपर्कों को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, राकां नेताओं ने फिलहाल इन घटनाक्रमों को सामान्य राजनीतिक संवाद का हिस्सा बताया है।

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