

PM Modi Meeting With Supriya Sule And MPs NCP-SP: संसद के बजट सत्र के दौरान राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में 8 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
करीब 15 मिनट तक चली इस बैठक के बाद शरद पवार गुट के नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (NDA) में शामिल होने की अटकलें फिर से गर्म हो गईं। हालांकि, पार्टी सांसदों ने इन सभी चर्चाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि यह मुलाकात केवल महाराष्ट्र और उनके संसदीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर थी।
भारत रत्न की मांग: महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले, लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे और राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज को मरणोपरांत 'भारत रत्न' देने की सिफारिश की गई।
सूखा राहत एवं कृषि सुधार: मराठवाड़ा के सूखाग्रस्त जिलों के लिए विशेष पैकेज, उजानी बांध से मांझरा नदी में पानी छोड़ने और फसल बीमा योजना (Crop Insurance) में सुधार की मांग की गई।
प्याज किसानों के मुद्दे: महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसानों के लिए सही मूल्य और निर्यात नीतियों पर चर्चा हुई।
रेलवे व इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स: नासिक-पुणे हाई-स्पीड रेलवे, पुणे-नासिक मेट्रो, कल्याण-मुरबाड रेल लाइन के काम में तेजी लाने और छत्रपति संभाजीनगर में 'पीएम गति शक्ति' योजना लागू करने का आग्रह किया गया।
नवी मुंबई एयरपोर्ट का नामकरण: नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम लोकनेता डी.बी. पाटिल के नाम पर रखने का प्रस्ताव राज्य सरकार से जल्द मंगाने का अनुरोध किया गया।
स्वास्थ्य फंड में बढ़ोतरी: गंभीर बीमारियों और कैंसर के इलाज के लिए सांसद निधि और प्रधानमंत्री राहत कोष के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाने की मांग की गई।
पर्यावरण संरक्षण: सोलापुर स्थित पंढरपुर की पवित्र चंद्रभागा नदी के बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के सामने उठाया गया।
परिसीमन व महिला आरक्षण: परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर सैद्धांतिक चर्चा की गई।
बैठक के बाद एनडीए में शामिल होने की अफवाहों पर पूर्ण विराम लगाते हुए सांसद बजरंग सोनावणे ने कहा, "हम विपक्षी गठबंधन का हिस्सा हैं और विपक्ष में ही रहेंगे। अपने क्षेत्र के लंबित विकास कार्यों और जनता की समस्याओं को देश के प्रधानमंत्री के सामने रखना हर सांसद का संवैधानिक कर्तव्य है। सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेता से मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हम उनके साथ जा रहे हैं।"
वहीं, सांसद डॉ. अमोल कोल्हे ने कहा कि संसद में चल रहे गतिरोध के बीच उन्होंने राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर केवल महाराष्ट्र के हित में प्रधानमंत्री मोदी से संवाद किया है। सुप्रिया सुले ने भी दोहराया कि संसद में काम बाधित होने की स्थिति में जनहित के कार्यों को गति देने के लिए यह मुलाकात बेहद आवश्यक थी।