Sunetra Pawar Devagiri Bungalow (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Sunetra Pawar Devagiri Bungalow: महाराष्ट्र की नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक अपडेट सामने आई है। राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर मुंबई के पॉश मालाबार हिल स्थित ‘देवगिरि’ बंगला उन्हें आवंटित कर दिया है। महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस आदेश के साथ ही सुनेत्रा पवार अब उस आवास की नई निवासी होंगी, जो दशकों तक उनके दिवंगत पति और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का कार्यक्षेत्र रहा है। यह बंगला न केवल एक आवास है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के कई ऐतिहासिक फैसलों और रणनीतियों का गवाह रहा है।
अजित पवार के असामयिक निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने 31 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रचा। अब देवगिरि बंगले का आवंटन उनके बढ़ते राजनीतिक कद और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
सुनेत्रा पवार को सौंपे गए विभागों की सूची भी स्पष्ट हो गई है। उन्हें उन अधिकांश विभागों का प्रभार दिया गया है जो अजित पवार संभाल रहे थे, सिवाय वित्त मंत्रालय के। सुनेत्रा पवार को निम्नलिखित विभाग आवंटित किए गए हैं:
दिलचस्प बात यह है कि महत्वपूर्ण वित्त और योजना विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने पास रखा है। इसके अतिरिक्त, सुनेत्रा पवार को पुणे और बीड जिलों का पालक मंत्री (Guardian Minister) भी नियुक्त किया गया है, जो उनके क्षेत्रीय प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
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राजनीतिक गलियारों में इस बात की प्रबल चर्चा है कि सुनेत्रा पवार जल्द ही चुनावी मैदान में उतरेंगी। चूंकि वह वर्तमान में विधानसभा के किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं, इसलिए नियमानुसार उन्हें 6 महीने के भीतर निर्वाचित होना होगा। उन्होंने हाल ही में अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, वह अपने दिवंगत पति की पारंपरिक सीट बारामती से विधानसभा उपचुनाव लड़ सकती हैं। बारामती की जनता के बीच उनकी सक्रियता और ‘पवार’ विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाती है।
देवगिरि बंगले का महाराष्ट्र की राजनीति में वैसा ही स्थान है जैसा दिल्ली में 10 जनपथ का। अजित पवार जब विपक्ष के नेता थे या जब वे महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री थे, यह बंगला हमेशा सत्ता का केंद्र बना रहा। अब सुनेत्रा पवार का यहाँ निवास करना यह संकेत देता है कि अजित पवार गुट की कमान और उनकी विरासत पूरी तरह से उनके हाथों में है। 9 फरवरी को आने वाले जिला परिषद चुनाव के नतीजे यह तय करेंगे कि सुनेत्रा पवार इस बंगले और बारामती की विरासत को कितनी मजबूती से आगे ले जा पाती हैं।