Mumbai News: सोमनाथ सूर्यवंशी की हिरासत में मौत, पुलिस को ठहराया जिम्मेदार, मजिस्ट्रेट जांच में सामने आई बात
महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (एमएसएचआरसी) ने कहा है कि मजिस्ट्रेट जांच में यह सामने आया है कि परभणी जिले में हिरासत में सोमनाथ सूर्यवंशी की मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार है।
- Written By: आंचल लोखंडे
सोमनाथ सूर्यवंशी की हिरासत में मौत। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
मुंबई: महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (एमएसएचआरसी) ने कहा है कि मजिस्ट्रेट जांच में यह सामने आया है कि परभणी जिले में हिरासत में सोमनाथ सूर्यवंशी की मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार है। एमएसएचआरसी ने 20 मार्च को मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग), अपर पुलिस महानिदेशक (सीआईडी-अपराध) और परभणी के पुलिस उपाधीक्षक (सीआईडी) को नोटिस जारी कर इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। एमएसएचआरसी सूर्यवंशी की मौत से संबंधित शिकायतों की सुनवाई कर रहा है।
बता दें कि सोमनाथ सूर्यवंशी उम्र 35 दिसंबर 15 को परभणी के एक सरकारी अस्पताल में न्यायिक हिरासत के दौरान मृत पाए गए थे। उन्हें कांच के बक्से में रखी संविधान की प्रतिकृति को क्षति पहुंचाए जाने को लेकर हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दावा किया था कि सूर्यवंशी की मौत बीमारी के कारण हुई। आयोग ने कहा कि उसने ‘विरोधाभासी आदेशों से बचने’ के लिए कई शिकायतों को एक साथ जोड़ दिया था। एमएसएचआरसी ने 20 मार्च को सुनवाई के दौरान कहा था कि उसे सूर्यवंशी की हिरासत में मौत के मामले की जांच से संबंधित मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट मिली है।
मोंढा पुलिस थाने में हमला
एमएसएचआरसी ने बताया कि रिपोर्ट 451 पन्नों की है और यह 3 खंड में है। आयोग ने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट के अवलोकन से पता चलता है कि न्यायिक मजिस्ट्रेट इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि सूर्यवंशी पर परभणी के नव मोंढा पुलिस थाने में हमला किया गया था। आयोग ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने अपनी रिपोर्ट में परभणी के इस मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों को सूर्यवंशी की हिरासत में हुई मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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मुआवजा निर्धारित
आयोग ने इसके बाद राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया और इस मामले में उनसे रिपोर्ट तलब की। आयोग ने कहा कि प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट में मामले में उठाए गए सुधारात्मक कदमों और राज्य सरकार की ओर से यदि कोई मुआवजा निर्धारित किया गया है, तो उसकी जानकारी होनी चाहिए।
मामले में अगली सुनवाई 23 जून
साथ ही एमएसएचआरसी ने आदेशित किया कि अपर पुलिस महानिदेशक और परभणी के पुलिस अधीक्षक (सीआईडी) की रिपोर्ट में आकस्मिक मृत्यु मामले की जांच की प्रगति और मामले में अपराध के पंजीकरण की जानकारी शामिल होनी चाहिए। एमएसएचआरसी ने अपनी रिपोर्ट में नामजद सभी पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। मामले में अगली सुनवाई 23 जून को होगी।
