स्लम फ्री मुंबई का मिशन: क्लस्टर डेवलपमेंट में रोड़ा बने बहुमंजिला झोपड़े, BMC की बड़ी कार्रवाई तय

BMC Action On Illegal Slums: मुंबई को स्लम फ्री बनाने में क्लस्टर डेवलपमेंट के लिए रोड़ा बने 14 फीट से ऊंचे अवैध बहुमंजिला झोपड़ों पर BMC 1 अक्टूबर से कार्रवाई करेगी। धारावी तर्ज पर राहत नहीं मिलेगी।
slum free mumbai bmc action on multi storey illegal slums cluster development
कार्रवाई की सांकेतिक फोटो(सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Slum Free Mumbai BMC Action: महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने 2030 तक मुंबई को स्लम फ्री अर्थात झोपड़पट्टी मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए क्लस्टर डेवलपमेंट अर्थात झोपडपट्टियों के सुनियोजित सामूहिक पुनर्विकास की योजना सरकार की ओर से बनाई जा रही है।

लेकिन मुंबई महानगर में बने 3-चार मंजिलों वाले झोपड़ों के अवैध टावर सरकार के मंसूबों पर अड़ंगा डाल रहे हैं। झोपड़पट्टियों में रहनेवाले लोग 'धारावी पैटर्न' की मांग कर रहे हैं। लेकिन शनिवार को की गई बीएमसी की घोषणा के बाद ये साफ हो गया है कि मुंबई में झोपड़ों के टावरों (बहुमंजिला मकानों) के अन्य निवासियों को धारावी की तर्ज पर राहत नहीं मिलेगी।

14 फीट से ऊंचे अवैध झोपड़ों पर BMC का बुलडोजर

मुंबई शहर और उपनगरों में झोपड़पट्टी क्षेत्रों के अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक एक विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है। 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाले अवैध झोपड़े इस कार्रवाई का मुख्य टारगेट रहेंगे।

बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, कुल 2,23,150 झोपड़ों में से 39,111 झोपड़े 14 फीट से अधिक ऊंचाई के पाए गए हैं, जिनमें से 4,584 झोपड़ों को हटाया जा चुका है और 611 को नोटिस दिया गया है। इस अभियान के तहत प्रशासन ने निवासियों से अपील की है कि वे अपने अनधिकृत निर्माणों को स्वयं तुरंत हटा लें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी और निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे ने भी दिए एक्शन के संकेत

मुंबई शहर में रेलवे की जमीन पर बने झोपड़ों के संदर्भ में मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी स्वप्नील नीला ने बताया कि रेलवे की जमीन पर बनी ऐसी झोपड़ियों पर कार्रवाई आमतौर पर बीएमसी ही करती है।

उन्होंने कहा कि यदि बीएमसी की ओर से तोड़क कार्रवाई के लिए कोई प्रस्ताव आता है तो रेलवे की ओर से भी नियमानुसार सहयोग करेगा। इससे रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।

सरकार के आंकड़ो पर सवाल

हालांकि, झोपड़पट्टियों में रहनेवाले लोग और जानकार इसे बिल्डरों को लाभ पहुंचाने की साजिश बता रहे हैं। मुंबई में सिर्फ 39,111 झोपड़े 14 फीट से ऊंचे हैं इस जानकारी पर लोग सवाल उठा रहे हैं। एक निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुंबई में 90 प्रतिशत झोपड़े 14 फीट से ऊंचे हैं और बीएमसी तथा दूसरे प्रशासनिक अधिकारी इसके जिम्मेदार हैं।

एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकार ने 2011 से पहले बने झोपड़ों को संरक्षण दिय़ा है। लेकिन झोपड़पट्टियों में मकानों की मरम्मत अधिकृत अनुमति नहीं दी जाती है। अधिकारी खुद लोगों को अवैध निर्माण की सलाह देते हैं और लाखों रुपए की रिश्वत लेकर अवैध निर्माणों को मौन स्वीकृति देते हैं।

slum free mumbai bmc action on multi storey illegal slums cluster development
ठाणे, नासिक और पालघर समेत 11 जिलों में स्कूल हेल्थ प्रोग्राम, 40,000+ शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

14 फुट से ज्यादा ऊंचे मकानों पर कार्रवाई करना योग्य नहीं है। इसकी जगह पर एक से अधिक मंजिलों वाले झोपड़ों पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी। आज बहुतांश झोपड़पट्टियों में सड़क की ऊंचाई बढ़ गई है और बरसात में जल भराव के कारण 2 से 3 फुट की ऊंचाई रखना अनिवार्य हो गया है। लेकिन सरकार कलस्टर योजना के अंतर्गत विकास करना चाहती है। इसलिए यह सरकार की मजबूरी भी हो सकती है क्योंकि मुंबई में कई स्थानों पर 2 ,3, से 4 मंजिला घर बन चुके है और ये झोपड़ा धारक अपने स्वार्थ के कारण विकास कम का विरोध करते हैं।

कार्रवाई उचित नहीं है- एक विकासक

जब यह झोपड़े बन रहे थे तब बीएमसी सो रही थी क्या ? उस समय के बीएमसी आयुक्त को यह नहीं सूझा कि यह अवैध रूप से बन रहें है। आज मुंबई में 2 लाख से अधिक झोपड़े है, उसमें से 39 हजार झोपड़ों पर कार्रवाई की जाएगी, मेरा सवाल बीएमसी प्रशासन से है कि आखिर झोपड़े बनने क्यों दिए गए ?

सचिन पडवल -नगरसेवक शिवसेना (यूबीटी)

14 फीट से ऊंचे घर कोई एक दिन में नहीं बने है। इसमें बीएमसी के अधिकारी भी मिले हुए हैं। अवैध घर ना बने यह बीएमसी की जिम्मेदारी है। अगर 14 फीट से ऊंचे घर बनाने वाले लोग गुनेहगार है, तो बीएमसी अधिकारी भी उतने ही जिम्मेदार हैं।

ज़मीर कुरैशी- नगरसेवक, एमआईएम

मुंबई में 39 हजार झोपड़ों को तोड़ने का BMC का फैसला तानाशाही और गरीबों को मुंबई से बाहर करने की बड़ी साजिश है। महायुति सरकार और प्रशासन अपने 'लाडले मित्र' के फायदे के लिए काम कर रहे हैं। बिना पुनर्वास गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाना कतई मंजूर नहीं। मुख्यमंत्री तुरंत इस कार्रवाई पर रोक लगाएं।

-वर्षा गायकवाड (सांसद एवं अध्यक्ष, मुंबई कांग्रेस)

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com