

Maharashtra Vidhan Parishad Election: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर दिल्ली दरबार की अहमियत बढ़ गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अचानक दिल्ली दौरे के बाद अब भाजपा के कद्दावर नेता और संकटमोचक माने जाने वाले मंत्री गिरीश महाजन भी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। दोपहर 4:30 बजे की फ्लाइट से उनके दिल्ली जाने की खबर ने महायुति के भीतर मची रस्साकशी को सार्वजनिक कर दिया है।
आगामी विधान परिषद चुनाव के लिए महायुति के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंसता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कुल 17 सीटों में से भाजपा 12 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जबकि शिवसेना कम से कम 7 सीटों पर अड़ी हुई है। भाजपा फिलहाल शिवसेना को केवल 3 से 4 सीटें देने के पक्ष में दिख रही है। इसी गतिरोध को सुलझाने के लिए अब दिल्ली में हाई-लेवल मीटिंग होने वाली है।
इस बार सबसे ज्यादा विवाद जलगाव और नासिक की स्थानीय निकाय सीटों को लेकर है। शिंदे गुट के मंत्री गुलाबराव पाटिल जलगाव की सीट अपने बेटे के लिए मांग रहे हैं और उन्होंने इसके लिए पूरी फील्डिंग लगा दी है। जलगाव गिरीश महाजन का गढ़ माना जाता है। चर्चा है कि जलगाव और नासिक की सीटों की अदला-बदली या दावेदारी को लेकर महाजन कोई समझौता करने के मूड में नहीं हैं। वे भाजपा का पक्ष मजबूती से रखने के लिए दिल्ली जा रहे हैं।
दिल्ली रवानगी से पहले जब मीडिया ने गिरीश महाजन से सवाल किया, तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, मेरा 4:30 बजे का टिकट है और मैं दिल्ली जा रहा हूँ, लेकिन मैं अपने टिकट के लिए नहीं जा रहा। भले ही उन्होंने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में कहा हो, लेकिन कल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है और समय की कमी को देखते हुए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले से ही दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। अब गिरीश महाजन के वहां पहुंचने से यह साफ है कि सीटों का अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में ही होगा। क्या शिवसेना अपनी 7 सीटों की मांग मनवा पाएगी या भाजपा बड़े भाई की भूमिका में ज्यादा सीटें अपने पास रखेगी, इसका फैसला अगले 24 घंटों में होने की संभावना है।