कांग्रेस के रेड कॉरिडोर को मोदी सरकार ने ग्रोथ में बदला, श्रीकांत शिंदे ने नक्सलवाद पर कांग्रेस को घेरा

Shrikant Shinde: श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में नक्सलवाद के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि पहले का ‘रेड कॉरिडोर’ अब ‘ग्रोथ कॉरिडोर’ बन रहा है।
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Shrikant Shinde Lok Sabha speech (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Amit Shah Anti Naxal Mission: लोकसभा में शिवसेना गुट नेता सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे ने नक्सलवाद के मुद्दे पर सोमवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने मजबूरियों के चलते देश को 'रेड कॉरिडोर' दिया, लेकिन मोदी सरकार ने आज 'ग्रोथ कॉरिडोर' में बदल दिया है।

शिवसेना सांसद ने वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त कराने के प्रयास पर चर्चा की शुरूआत करते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों और पिछड़ों पर ध्यान नहीं दिया, जिस कारण गरीब, किसान और पिछड़े समुदाय के लोग हथियार उठाने को मजबूर हुए।

नक्सलवाद से मुक्त गड़चिरोली बना भारत का नया स्टील हब

डॉ. शिंदे ने 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने के गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प का संदर्भ दिया और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ''जो लोग कहते थे कि नक्सलवाद को खत्म नहीं किया जा सकता, उनके लिए यह एक करारा जवाब है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने समय सीमा तय की और उससे पहले देश को माओवाद से मुक्त करने के लिए प्रयास भी किया।शिवसेना सांसद ने महाराष्ट्र के गडचिरौली जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि वह नक्सल मुक्त होने के कगार पर है।नक्सलवाद से मुक्त गढ़चिरोली भारत का नया स्टील हब बन कर उभर रहा है।

केंद्र व राज्य सरकार ने जीता विश्वास

डॉ शिंदे ने कहा कि केंद्र व महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासियों, कमजोर वर्गों के लोगों और पिछड़ों का विश्वास फिर से जीता है। उनकी बंदूके छीन कर उनके हांथों को काम दिया है। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि कांग्रेस ने नक्सलवाद की बीमारी पैदा की। हमारी सरकार ने उसका इलाज किया। नक्सल मुक्त भारत के सूत्रधार अमित शाह की सराहना करते हुए श्रीकांत शिंदे ने कहा कि गृहमंत्री के नेतृत्व में समयसीमा के भीतर माओवादी और नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में ठोस काम हुआ है।

1967 में शुरू हुआ नक्सलवाद

शिंदे ने बताया कि वर्ष 1967 में पश्चिम बंगाल के छोटे से गांव नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ यह जहर धीरे-धीरे 12 राज्यों और 200 जिलों तक फैल गया। यदि समय पर कार्रवाई होती, तो इसे वहीं रोका जा सकता था। लेकिन सरकार के प्रति विश्वास की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग हथियार उठाने को मजबूर हुए।

उन्होंने कहा कि आज एक आदिवासी महिला देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान है। वर्तमान सरकार ने आदिवासी व पिछड़े वर्ग का विश्वास जीता है। रेड कॉरिडोर को खत्म कर “ग्रोथ कॉरिडोर” में बदलने का काम किया गया है। डॉ श्रीकांत शिंदे ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि उनकी सरकार मजबूत नहीं, बल्कि मजबूर थी। राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और कमजोर नीतियों के कारण 45 वर्षों में नक्सलवाद बढ़ता गया।

पाकिस्तान ने उठाया फायदा

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष की कमजोरियों का फायदा पाकिस्तान ने उठाया। वर्ष 2012 में पश्चिम बंगाल के डीजीपी स्तर की चर्चाओं में यह खुलासा हुआ था कि माओवादी तत्वों ने पाकिस्तानी आतंकी संगठनों, आईएसआई और सिमी के साथ गठजोड़ किया था।

इस तरह देश को कमजोर करने की साजिश चल रही थी और कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि कांग्रेस की कमजोर इच्छाशक्ति के कारण निर्दोष नागरिकों और जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि पिछले 11 वर्षों में वर्तमान सरकार ने इन समस्याओं का समाधान किया है।

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