Devendra Fadnavis Statement: शिवाजी पर किताब विवाद, विधायक की धमकी भरी भाषा को बताया अस्वीकार्य
शिवाजी महाराज पर लिखी किताब को लेकर विवाद बढ़ा। विधायक संजय गायकवाड़ की धमकी भरी भाषा पर CM Devendra Fadnavis ने नाराजगी जताई, जबकि गायकवाड़ ने बाद में अपने बयान पर खेद व्यक्त किया।
- Written By: अपूर्वा नायक
देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया )
Devendra Fadnavis Statement On Sanjay Gaikwad: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि शिवाजी महाराज पर लिखी पुस्तक के प्रकाशक के खिलाफ शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा इस्तेमाल की गई धमकी की भाषा स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मराठा शासक का सभी लोग सम्मान करते हैं। गायकवाड़ ने छत्रपति शिवाजी महाराज को मराठी पुस्तक में उनके पहले नाम से संबोधित किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कोल्हापुर स्थित प्रकाशक प्रशांत अम्बी को फोन पर धमकी दी जिससे विवाद खड़ा हो गया।
गायकवाड़ को हुआ भूल का अहसास
गायकवाड़ ने कहा कि ‘प्रकाशक के खिलाफ मैंने जो भी आपतिजनक टिप्पणी की, उसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं। उन्होंने दावा किया कि पुस्तक में ऐसे उदाहरण हैं जहां शिवाजी को ‘अपमानजनक” तरीके से संबोधित किया गया है। किताब से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जिसने भी इसे प्रकाशित किया है, उसे छत्रपति शिवाजी महाराज को सम्मान के साथ संबोधित करना चाहिए।
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गायकवाड़ ने प्रकाशक को दी थी धमकी
यह पुस्तक मूल रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी नेता दिवंगत गोविंद पानसरे ने लिखी थी और 1988 में प्रकाशित हुई थी। देवेंद्र फडणवीस ने त्र्यम्बकेश्वर में पत्रकारों से कहा कि 40 साल पहले प्रकाशित पुस्तक पर विवाद उठाना खड़ा करना नहीं है। वही गाली गलौज की आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि (उपमुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष) एकनाथ शिंदे इस मामले में गायकवाड़ को उचित निर्देश देंगे। प्रकाशक ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि गायकवाड़ ने पुस्तक ‘शिवाजी कौन होता’ (शिवाजी कौन थे) को लेकर जान से मारने की धमकी दी और अपशब्दों का प्रयोग किया। गायकवाड़ ने प्रकाशक को फोन पर बातचीत के दौरान जीभ ‘काट देने’ की धमकी दी जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। हालांकि बाद में विवाद बढ़ने पर गायकवाड़ ने खेद व्यक्त किया है।
