शिवसेना UBT की नगरसेविका सरिता म्हस्के (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Missing Corporator Sarita Mhaske News: मुंबई में मेयर चुनाव की गहमागहमी के बीच शिवसेना (UBT) की नवनिर्वाचित नगरसेविका सरिता म्हस्के की सुरक्षित वापसी हो गई है। लगभग एक दिन तक संपर्क से बाहर रहने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी के प्रति वफादारी दोहराई और विरोधियों के खेमे में शामिल होने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।
मुंबई नगर निगम चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद वार्ड नंबर 157 से निर्वाचित सरिता म्हस्के अचानक गायब हो गई थीं। उनके इस तरह ओझल होने से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट में शामिल हो सकती हैं। हालांकि, वापस लौटने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने चुनाव जीतने की मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने के बाद वह माता के दर्शन के लिए तुलजापुर मंदिर गई थीं, जिसके कारण उन्हें लौटने में देरी हुई।
जब सरिता म्हस्के सेना भवन में आयोजित कॉर्पोरेटर्स की महत्वपूर्ण बैठक में नहीं पहुँचीं, तो उनके पाला बदलने के कयास लगाए जाने लगे। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए म्हस्के ने बताया कि उन्होंने अपने मंदिर जाने की सूचना पार्टी के वरिष्ठ नेता मिलिंद नार्वेकर को पहले ही दे दी थी। उन्होंने बताया कि जब उनके गायब होने की अफवाहें तेजी से फैलने लगीं, तो पार्टी की ओर से ही उन्हें अपना मोबाइल फोन बंद करने का निर्देश दिया गया था ताकि किसी भी तरह के भ्रम या बाहरी संपर्क से बचा जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह पूरी तरह से अपनी पार्टी के साथ हैं।
Mumbai, Maharashtra: On being out of reach for two days, Sarita Mhaske, the newly elected corporator from the Shiv Sena (UBT), says, “I had gone to a temple, that is the only reason. I was in contact with some leaders from our party, but it was not possible for me to reach… pic.twitter.com/qAgWY44atF — IANS (@ians_india) January 22, 2026
सरिता म्हस्के की जीत शिवसेना UBT के लिए महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने मुंबई के वार्ड नंबर 157 से चुनाव लड़ा था और भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार आशा तायड़े को शिकस्त दी थी। चुनाव परिणामों के बाद मुंबई में महायुति (बीजेपी और शिंदे गुट) के पास स्पष्ट बहुमत है, लेकिन मेयर पद को लेकर पार्टियों के बीच चल रही खींचतान के कारण प्रत्येक नगरसेवक का समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।
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मुंबई में इस बार का चुनाव परिणाम काफी दिलचस्प रहा है। शिवसेना के दोनों गुटों (उद्धव और शिंदे) को मिलाकर ‘ठाकरे बंधुओं’ के पास कुल 65 नगरसेवक हैं। हालांकि, बहुमत का आंकड़ा महायुति गठबंधन के पक्ष में दिखाई दे रहा है, जिससे मुंबई में महायुति का ही मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है। इसी सियासी जोड़-तोड़ के बीच सरिता म्हस्के जैसी सक्रिय नगरसेविकाओं की गतिविधियों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। फिलहाल, उनके लौटने से उद्धव गुट ने राहत की सांस ली है।