

Development Plan For 10 Cities Maharashtra: राज्य के शहरी क्षेत्रों का सुनियोजित विकास करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री और नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य की 10 नगर पंचायतों और नगर परिषदों के विकास प्रारूप यानी डेवलपमेंट प्लान को मंजूरी दे दी है। इससे इन शहरों के सर्वांगीण विकास का रास्ता साफ हो गया है।
पिछले डेढ़ साल में राज्य सरकार ने 100 से अधिक शहरों की विकास योजनाओं को मंजूरी दी है।
उपमुख्यमंत्री शिंदे द्वारा मंजूर किए गए विकास प्रारूपों में जिवती (चंद्रपुर), शिरूर अनंतपाल, रेणापुर (लातूर), सोयगांव (छत्रपति संभाजीनगर), पालम (परभणी), उमरखेड (यवतमाळ), बीड, कोरपना, गडचांदूर (चंद्रपुर) और पुलगांव (वर्धा) शामिल हैं।
पिछले कुछ वर्षों से राज्य में नागरिक सुविधाओं को सुधारने और शहरीकरण को व्यवस्थित रूप देने पर जोर दिया जा रहा है। इसी के तहत इन विकास प्रारूपों को मंजूरी दी गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शहरों का नियोजनबद्ध विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
विकास प्रारूप मंजूर होने के बाद अब इन नगरों में सड़कें, बगीचे, खेल का मैदान, पुस्तकालय, दुकानें, पानी की सप्लाई, सीवेज प्रबंधन जैसी सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जगह आरक्षित कर उनका नियोजित विकास किया जा सकेगा। इसके अलावा स्कूल, अस्पताल और पार्क जैसी सामाजिक सुविधाओं के लिए भी उचित जगह उपलब्ध होगी। इससे नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं समय पर और बेहतर तरीके से मिल सकेंगी।
विकास प्रारूप को मंजूरी मिलने से स्थानीय निकायों को अब विकास कार्यों के लिए नक्शे और अनुमति देने में आसानी होगी। अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और शहर एक निश्चित प्लान के तहत बढ़ेंगे। इससे आने वाले वर्षों में इन 10 नगरों में मूलभूत सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छोटे-बड़े सभी शहरों में नागरिकों को शहरी सुविधाएं मिलें और शहर रहने लायक बनें। इसी सोच के साथ पिछले 1.5 साल में 100 से ज्यादा शहरों के विकास प्रारूप को हरी झंडी दी जा चुकी है।