शरद पवार ने निचोड़ बताया (फाइल फोटो)
मुंबई: शरद पवार और उनकी पार्टी के बीच 8 और 9 जनवरी को समीक्षा बैठक रखी गई थी। इस बैठक में राकां पार्टी के सभी सदस्य मौजूद रहें और उनके बीच सबसे बड़ी हार को लेकर दो दिन तक बड़ी बैठक चली। राकां अध्यक्ष शरद पवार का मानना है कि लोकसभा चुनाव में मिली बड़ी सफलता के बाद पार्टी अति उत्साह में थी।
इस वजह से महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पार्टी की नैया डूब गई। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बीजेपी के साथ लोगों से संपर्क साधने के लिए बेहतर काम किया। इस वजह से बीजेपी को विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल हुई लेकिन चुनाव के दौरान हम बेखबर रहे।
शरद पवार गुरुवार को वाईबी चव्हाण सेंटर में आयोजित पार्टी की दो दिवसीय समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। इस बैठक में पार्टी के सभी सांसद और विधायकों के अलावा पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यह दो दिवसीय बैठक गुरुवार को समाप्त हो गई। शरद पवार ने समीक्षा बैठक के निचोड़ में कहा कि अगर हमें निकाय चुनाव में बेहतर नतीजे हासिल करना है तो आरएसएस की तर्ज पर फील्ड में उतरकर काम करना होगा।
राकां अध्यक्ष ने कहा कि आरएसएस ने विधानसभा चुनाव के दौरान ग्राउंड लेवल पर जमकर काम किया। बीजेपी व संघ के बीच बेहतर समन्वय था। संघ के स्वयंसेवकों के साथ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर प्रचार किया। इस वजह से चुनाव में महाविकास आघाड़ी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इससे हमें भी सबक सीखने की जरूरत है।
पवार ने इस बात पर जोर दिया कि आगामी स्थानीय निकाय चुनाव में ज्यादा से ज्यादा युवा नेताओं को मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते दौर के साथ अब हमें भी बदलने की जरूरत है। ऐसे में अब आम कार्यकर्ताओं को आगे रखना होगा।
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आपको बताते चले कि महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हुए आम चुनावों के नतीजे शनिवार, 23 नवंबर को घोषित किए गए। हाल ही में संपन्न महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महायुति ने कुल 288 निर्वाचन क्षेत्रों में से 230 सीटें हासिल कीं। भाजपा ने 132 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी दल- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 सीटें जीतीं, और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं।
इसके विपरीत, महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को करारा झटका लगा, जिसमें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीटें जीतीं, कांग्रेस ने 16 सीटें हासिल कीं, और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) को सिर्फ़ 10 सीटें मिलीं।