

Sanjay Raut On INDIA Alliance PM Face: शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी हो टूट और इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने ममता बनर्जी ने नेतृत्व वाले गुट को असली टीएमसी बताया। वहीं बगावत का बिगूल फूंकने वाले नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब इन लोगों को भाजपा की असली हकीकत के बारे में पता चलेगा, जब इन्हें किनारे कर दिया जाएगा।
सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए संजय राउत ने कहा कि अब आप ममता बनर्जी की पार्टी में फूट का मुद्दा भूल जाइए। इसको एक महीने से ज्यादा हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में अब इस मुद्दे पर चर्चा करना किसी भी सूरत में प्रासंगिक नहीं है। अब आप जरा टीएमसी के उन नेताओं की बात करिए, जिन्होंने अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलने की जुर्रत की थी।
संजय राउत ने कहा कि जिसका अपना कोई अस्तित्व ही नहीं है उन्होंने त्रिपुरा की ऐसी पार्टी का दामन थामने की हिमाकत की है। राजनीतिक मैदान में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही का दामन थाम कर इन लोगों ने किस तरह के बुद्धिमत्ता का परिचय दिया है, ये तो वहीं यही बता सकते हैं। हाल ही में असम में हुए चुनाव में इस पार्टी को महज 800 वोट मिले हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि इन लोगों को अमित शाह ने साजिशन एक ऐसी पार्टी में धकेल दिया, जो अपने वजूद को बचाने से जूझ रही है। अब यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा, ये तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा।
बता दें कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद त्रिपुरा के एक क्षेत्रीय दल 'नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में शामिल हो गए हैं। वहीं काकोली घोष ने दावा करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। कुछ दिन पहले ही बागियों की एक लिस्ट सामने आई थी, जिसमें 19 लोकसभा सांसदों के हस्ताक्षर थे।
संजय राउत ने आगे कहा कि मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि ममता बनर्जी की टीएमसी ही असली तृणमूल कांग्रेस पार्टी है। जो भी लोग टीएमसी को छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हुए हैं, उन्हें यह बात पता चल जाएगी कि बीजेपी की असली सच्चाई क्या है?
इधर दिल्ली में पिछले दिनाें हुए इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर भी संजय राउत ने बड़ी बात कही है। राउत ने कहा कि इंडिया गठबंधन में प्रधानमंत्री के पद के लिए एक चेहरे का चयन करना होगा अन्यथा अगर हम लोगों के बीच में जाएंगे, तो हमसे सवाल किया जाएगा कि तुम्हारे पीएम का चेहरा कौन है? ऐसी स्थिति में हम फिर क्या जवाब देंगे।
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सलाह दी कि ऐसी स्थिति में हमारे लिए यह जरूरी हो जाता है कि इंडिया गठबधंन प्रधानमंत्री फेस को लेकर किसी एक चेहरे का चयन करें। इसके बाद अपने कदम आगे बढ़ाएं।
बता दें कि 8 जून को दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे नहीं पहुंच पाए थे। उन्होंने मुंबई से ही वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में भाग लिया। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने भी यह मुद्दा उठाया था कि 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद का चेहरा तय होना चाहिए। ताकि चुनाव में सभी दल एक राह पर चल सके।