संजय राऊत का सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर हमला, बोले- दबाव में काम कर रही हैं संस्थाएं
Sanjay Raut On Supreme Court Election Commission: शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राऊत ने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने राकांपा को लेकर बड़ी बात कही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
संजय राउत (सोर्स: फाइल फोटो)
Sanjay Raut On Supreme Court Election Commission News: शिवसेना (यूबीटी) के नेता और सांसद संजय राऊत ने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों संस्थाएं दबाव में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे खुलकर आलोचना करते रहेंगे।
साथ ही उन्होंने एनसीपी नेता सुनील तटकरे और प्रफुल पटेल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज उन पर जो समय आया है, वह उनके कर्मों का फल है। मुंबई में आयोजित पत्रकार परिषद में राऊत ने कहा कि अजीत गुट और शिंदे गुट कभी मूल राजनीतिक दल नहीं थे और आज भी नहीं हैं।
असली राकांपा शरद पवार की
ये दोनों ‘अमित शाह की सिस्टर कंसर्न’ हैं जिन्हें चुनाव आयोग के माध्यम से खड़ा किया गया। उन्होंने दावा किया कि असली शिवसेना उद्धव ठाकरे की और असली राकांपा शरद पवार की है। उन्होंने कहा कि 30 जुलाई को इस मामले में अंतिम सुनवाई होने की संभावना है।
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किसी भी राजनीतिक दल की अपनी विचारधारा और भूमिका होती है लेकिन इन गुटों की कोई स्वतंत्र विचारधारा नहीं है। शिंदे गुट की विचारधारा वही है जो बालासाहेब ठाकरे की थी और वह शिवसेना (उद्धव गुट) की विचारधारा है।
पटेल, तटकरे के कर्मों का परिणाम
संजय राऊत ने कहा कि अजित पवार को अलग रास्ता अपनाने के लिए उकसाने वालों में धनंजय मुंडे और प्रफुल पटेल जैसे नेताओं की प्रमुख भूमिका थी। अब उन पर जो परिस्थिति आई है, वह उनके कर्मों का परिणाम है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों से वे फैसले की प्रतीक्षा कर रहे है।
यह मामला किसी संपत्ति विवाद का नहीं, बल्कि भारतीय संविधान की व्याख्या से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत लगातार तारीख पर तारीख दे रही है और चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है।
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राऊत ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग दबाव में नहीं होते तो हमारी पार्टी और चुनाव चिन्ह किसी और के हाथ में नहीं जाता। शरद पवार के रहते उनकी पार्टी अजीत पवार को नहीं सौंपी जाती। पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ का नाम लेते हुए राऊत ने कहा कि उन्होंने खुद माना था कि शिवसेना से जुड़ा फैसला गलत था। यूबीटी सांसद ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश फैसले के समय डरे हुए थे। यदि सर्वोच्च पद पर बैठे न्यायाधीश ही दबाव में काम करेंगे तो आम नागरिक को न्याय कैसे मिलेगा।
