

Sanjay Raut On PM Modi Meeting With Shinde Faction MPs: सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और एकनाथ शिंदे गुट के बीच जारी कानूनी जंग के बीच महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। एकनाथ शिंदे और उनके गुट के सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में हुई हालिया मुलाकात को लेकर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर बेहद तल्ख हमला बोला है।
संजय राउत ने ट्वीट कर इस मुलाकात को 'गद्दारों की महफिल' करार दिया और कहा कि संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री के पास सदन में आने का समय नहीं है, लेकिन वे बागी सांसदों की मेजबानी में व्यस्त हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आक्रामक रुख अपनाते हुए संजय राउत ने लिखा, "पिछले तीन हफ्तों से देश की संसद चल रही है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी सदन में उपस्थित होने से बच रहे हैं। उनके पास संसद में आकर जनप्रतिनिधियों के सवालों का सामना करने का समय नहीं है, लेकिन दलबदलू सांसदों को फाफड़ा, ढोकला और जलेबी खिलाने का पूरा वक्त है।"
राउत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का यह रवैया देश की जनता और भारतीय संविधान का सीधा अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान घिरने के बाद शिंदे गुट में मची खलबली को शांत करने के लिए यह सब ढोंग रचा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने ठाकरे गुट की ओर से पक्ष रखते हुए निर्वाचन आयोग के फैसले पर तीखे सवाल उठाए हैं। सिब्बल ने केरल कांग्रेस, दिल्ली हाई कोर्ट और समाजवादी पार्टी के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि केवल विधायी बहुमत के आधार पर मूल संगठन पर कब्जे की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सिब्बल के इन मजबूत तर्कों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग के फैसले में हस्तक्षेप करेगा। इसी घबराहट में शिंदे गुट के नेता दिल्ली का चक्कर लगा रहे हैं।
संजय राउत ने जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और राज्य के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे दोपहर 12 बजे बांद्रा स्थित 'मातोश्री' में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।
माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे चुनाव आयोग की भूमिका, सुप्रीम कोर्ट में चल रही दलीलों और शिंदे गुट-बीजेपी के दिल्ली दौरों पर कोई बड़ा खुलासा कर सकते हैं। आगामी सप्ताह में शीर्ष अदालत का क्या रुख रहता है, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।