

Prashant Kishor Sunetra Pawar Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर और NCP अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर घमासान छिड़ गया है। इस मुलाकात ने पार्टी की आंतरिक कलह को सतह पर ला दिया है।
गुरुवार को मुंबई में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, राज्यसभा सांसद पार्थ पवार और प्रशांत किशोर के बीच करीब 6 घंटे तक मैराथन बैठक चली। इसमें पार्टी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर ने पार्टी संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य नेतृत्व के स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक भविष्य के चुनावों के लिए साथ काम करना मुश्किल होगा।
NCP आलाकमान के साथ बैठक में प्रशांत किशोर ने महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष पद के कामकाज पर असंतोष जताया और नेतृत्व बदलने की सिफारिश की। वर्तमान में NCP के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे हैं।
प्रशांत किशोर के सुझावों और दखलअंदाजी पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने आक्रामक रुख अपनाया है। तटकरे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमें किसी बाहरी रणनीतिकार की कोई जरूरत नहीं है। हम जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेता हैं और बिना किसी सर्वे के जनता के बीच अपनी पकड़ रखते हैं।
सुनील तटकरे ने कहा कि बिहार चुनाव परिणाम के बाद प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार की मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट थी। उन्हें प्रशांत की पार्टी सलाहकार के रूप में नियुक्ति की कोई जानकारी नहीं है।
प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार गुट की इस नजदीक ने महाराष्ट्र में एनडीए के सबसे बड़े सहयोगी दल भाजपा की धड़कनें बढ़ा दी हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर भाजपा इसे दोनों पक्षों की निजी मुलाकात बताकर पल्ला झाड़ रही है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच बेचैनी साफ देखी जा सकती है।
भाजपा का मानना है कि यदि कोई एनडीए गठबंधन का हिस्सा है, तो उसे गठबंधन की सामूहिक नीतियों और साझा रणनीति के अनुरूप ही आचरण करना चाहिए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि प्रशांत किशोर की एंट्री सुनेत्रा पवार गुट में होती है, तो यह आगामी चुनावों में महायुति के भीतर सीटों के बंटवारे और नेतृत्व के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।