'अबकी बार 100 के पार': गिरते रुपये पर संजय राउत का तंज, बोले- बंगाल में 'खेला' करने में व्यस्त हैं पीएम मोदी

Rupee Depreciation: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने गिरते रुपये पर पीएम मोदी को घेरा। उन्होंने इसे देश की साख से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अब नेतृत्व में सक्षम नहीं हैं।
Sanjay Raut on Rupee Depreciation
Sanjay Raut on Rupee Depreciation (फोटो क्रेडिट-X)
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Sanjay Raut on Rupee Depreciation: भारतीय रुपये की कीमत में लगातार आ रही गिरावट ने देश के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा और तीखा हमला बोला है। राउत ने रुपये की इस ऐतिहासिक कमजोरी को केवल आर्थिक आंकड़ा नहीं, बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय साख और प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

संजय राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में बीजेपी के पुराने नारों पर तंज कसते हुए कहा, “सेंचुरी लगेगी, अबकी बार 100 के पार।” उन्होंने प्रधानमंत्री की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश की मुद्रा रसातल में जा रही है, तब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पश्चिम बंगाल की राजनीति में व्यस्त हैं।

साख और प्रतिष्ठा का गिरता ग्राफ

संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन पुराने बयानों की याद दिलाई जो उन्होंने विपक्ष में रहते हुए दिए थे। राउत ने कहा, “मोदी जी कहते थे कि जब रुपये की कीमत गिरती है, तो देश की प्रतिष्ठा गिरती है। आज रुपया लगातार रिकॉर्ड स्तर तक गिर रहा है, तो अब क्या गिर रहा है? जब रुपया गिरता है, तो सिर्फ मुद्रा ही नहीं गिरती, बल्कि देश की साख और प्रतिष्ठा भी वैश्विक मंच पर गिरती है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से भारत की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है और रुपया दिन-ब-दिन नीचे जा रहा है, उस पर सरकार ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है। राउत के अनुसार, सरकार के पास इस आर्थिक संकट से निपटने का न तो कोई रोडमैप है और न ही वह इस पर जवाबदेही स्वीकार करने को तैयार है।

बंगाल की राजनीति बनाम देश की अर्थव्यवस्था

संजय राउत ने प्रधानमंत्री पर हमला जारी रखते हुए कहा कि मोदी और अमित शाह इस समय पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को घेरने और वहां ‘खेला’ करने की कोशिशों में जुटे हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की जमीन तैयार करने में इतनी मशगूल है कि उसे गिरते रुपये और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ती महंगाई दिखाई नहीं दे रही है। राउत ने तंज कसते हुए कहा, “मोदी जी कहाँ हैं? वे बंगाल में हैं। वहां राष्ट्रपति शासन की तैयारी हो रही है और यहां रुपये की कीमत गिरती जा रही है। क्या देश की अर्थव्यवस्था से ज्यादा जरूरी चुनावी राजनीति है?”

'झोला उठाओ और चले जाइए' - नेतृत्व पर सवाल

प्रधानमंत्री के नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए संजय राउत ने कहा कि रुपये की गिरावट का सिलसिला ठीक उसी समय से शुरू हुआ था जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला था। उन्होंने युद्ध जैसे वैश्विक कारणों को रुपये की गिरावट का इकलौता जिम्मेदार मानने से इनकार कर दिया। राउत ने पूछा, “आज युद्ध है, यह सच है, लेकिन क्या कल भी युद्ध था? रुपया गिरना तो वर्षों से जारी है।”

अपने बयान के अंत में उन्होंने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, “मुझे लगता है कि नरेंद्र मोदी अब देश का नेतृत्व करने में सक्षम नहीं हैं। मैं उनसे सिर्फ एक ही बात कहना चाहता हूं- मोदी जी, अब झोला उठाओ और चले जाइए।” गौरतलब है कि रुपये की इस गिरावट पर विपक्ष लगातार एकजुट होकर सरकार को घेर रहा है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।

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