

Sanjay Raut Alleged Ram Mandir Theft Money Used For Horse Trading: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में कथित चढ़ावा और दान-राशि की हेराफेरी का मामला अब एक बेहद गंभीर और अभूतपूर्व राजनीतिक युद्ध में तब्दील हो चुका है। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद, शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने देश की राजनीति को हिला देने वाला एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है।
मुंबई में मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने सीधा आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे से करीब 2,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की चोरी की गई है और इसी काले धन का इस्तेमाल राजनीति में पश्चिम बंगाल की टीएमसी (TMC) और महाराष्ट्र की शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को खरीदने तथा पार्टियों को तोड़ने के लिए किया गया है।
राउत के इस तीखे हमले के बाद शिंदे गुट की नेता सुसीबेन शाह ने भी मैदान में उतरकर मोर्चा संभाला है और राउत की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि जल्द ही एसआईटी की जांच से पूरा सच देश के सामने आ जाएगा।
राम मंदिर ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव और मनीष यादव समेत 8 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा, "यह सिर्फ 7 या 8 करोड़ का घोटाला नहीं है, बल्कि यह करीब 2,000 करोड़ रुपये की महा-चोरी है।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि जो लोग खुद को 'हिंदुत्ववादी' और रामभक्त कहते हैं, वही लोग मंदिर के गर्भगृह से करोड़ों रुपये चुरा रहे हैं। इस चोरी के मुख्य योजनाकार और आरोपी आज भी ट्रस्ट के भीतर बैठकर मलाई खा रहे हैं। इसी चुराए गए पैसे से 'ऑपरेशन टाइगर' चलाया गया और हमारे वफादार सांसदों को करोड़ों का लालच देकर तोड़ा गया।"
'ऑपरेशन टाइगर' के नाम पर शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों को अपने पाले में करने वाले एकनाथ शिंदे के गुट पर हमला बोलते हुए संजय राउत ने उन्हें 'लोमड़ी' करार दिया। उन्होंने गरजते हुए कहा, "सत्तारूढ़ दल के लोग इसे 'ऑपरेशन टाइगर' कहकर बाघों को बदनाम न करें। हम सब लोग आज भी असली टाइगर हैं और मातोश्री के साथ खड़े हैं। जो लोग लालच में बिककर शिंदे के साथ चले गए, वे शेर नहीं बल्कि डरपोक लोमड़ियां हैं।
उन्हें असली बाघों (शिवसैनिकों) से इस कदर डर लगता है कि वे चौबीसों घंटे 'वाई प्लस' (Y+) सुरक्षा और मंत्रालय के कमरों में छिपे रहते हैं। अगर उनमें हिम्मत है, तो सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और गृहमंत्री अमित शाह के आशीर्वाद से चुराया हुआ हमारा सिंबल छोड़ें और खुद के दम पर नया चुनाव चिह्न लेकर मैदान में उतरें।"
अयोध्या में राम मंदिर का यह बड़ा घोटाला तब सामने आया जब अयोध्या के पूर्व सपा विधायक पवन पांडे ने सार्वजनिक रूप से 7 से 7.5 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 14 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था। इस मामले की जांच अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई (CBI) से कराने के लिए एक नई याचिका भी दायर की गई है।
दूसरी तरफ, संजय राउत के इन गंभीर आरोपों का खंडन करते हुए शिंदे गुट की वरिष्ठ नेता सुसीबेन शाह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "योगी सरकार ने पूरी निष्पक्षता के साथ एसआईटी का गठन किया है और जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जो भी दोषी होगा, उसे सख्त सजा मिलेगी। लेकिन संजय राउत जिस तरह की घटिया और आधारहीन भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में उद्धव गुट में कोई नेता बचने वाला नहीं है। महाराष्ट्र और देश के विकास में विश्वास रखने वाले सभी सच्चे देशभक्त आज एकनाथ शिंदे साहब के साथ आ रहे हैं।"