केतन अग्रवाल हत्याकांड: सबूत मिटाने से भाई साहिल की पूछताछ तक, खुल गए सिया गोयल और चेतन चौधरी के सारे राज

Sahil Goyal Statement In Ketan Agarwal Case: केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुणे पुलिस का बड़ा खुलासा। आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के रिश्तों के जुड़े तार, भाई साहिल से 10 घंटे पूछताछ।
Ketan Agarwal Murder Pune Accused Siya Chetan Relation
केतन मर्डर केस में पुणे पुलिस ने खोले सिया-चेतन के राज (फोटो क्रेडिट-X)
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Ketan Agarwal Murder Pune Accused Siya Chetan Relation: पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझा रही पुलिस को आरोपियों के रिश्तों और उनके बैकग्राउंड को लेकर बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लोनावला ग्रामीण पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी के बीच के रिश्तों की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि चेतन की न सिर्फ सिया से नजदीकियां थीं, बल्कि वह सिया के भाई साहिल गोयल का भी बेहद करीबी दोस्त था।

क्रिकेट के मैदान से शुरू हुआ यह संपर्क बाद में एक प्रेम प्रसंग और फिर हत्या की खौफनाक साजिश में बदल गया। इस मामले में पुलिस ने सिया के भाई साहिल से लगातार 10 घंटे तक कड़ी पूछताछ कर कई अहम राज उगलवाए हैं।

क्रिकेट के मैदान से शुरू हुई थी पहली पहचान

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केतन मर्डर केस का मुख्य आरोपी चेतन चौधरी पुणे के स्थानीय क्लबों के लिए क्रिकेट खेलता था। सिया का भाई साहिल गोयल भी क्रिकेट का शौकीन था और चेतन ने साहिल के साथ मिलकर कई मैच खेले थे। जब भी साहिल के मैच होते थे, सिया गोयल अक्सर अपने भाई का हौसला बढ़ाने मैदान पर जाया करती थी। इसी दौरान मैदान पर ही सिया और चेतन की पहली बार जान-पहचान हुई थी। हालांकि, उस वक्त यह महज एक सामान्य औपचारिकता थी, लेकिन इस पहचान ने दोनों को एक-दूसरे के सोशल सर्कल में शामिल कर दिया था।

साल 2025 की दिवाली पार्टी ने बदला रुख

इस सामान्य जान-पहचान को गहरी दोस्ती और प्यार में बदलने का काम किया साल 2025 में हुई एक दिवाली पार्टी ने। एक कॉमन फ्रेंड द्वारा आयोजित की गई इस दिवाली पार्टी में सिया और चेतन की दोबारा मुलाकात हुई। इस पार्टी के बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला इस कदर बढ़ा कि वे चौबीसों घंटे एक-दूसरे के संपर्क में रहने लगे। पुलिस द्वारा निकाले गए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के चौंकाने वाले आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी महीने से लेकर घटना के वक्त तक सिया और चेतन के बीच कुल 2,004 बार फोन पर बातचीत हुई, जो कुल मिलाकर 238 घंटे का टॉकटाइम दर्शाती है।

लोहगढ़ की घटना के बाद मिटाए सबूत

लोनावला डिवीजन के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस गजानन टोनपे ने बताया कि केतन अग्रवाल की हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने कानून की आंखों में धूल झोंकने की पूरी कोशिश की थी। लोहगढ़ में हुई इस वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद सिया और चेतन ने अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम मैसेज और कॉल हिस्ट्री को पूरी तरह डिलीट कर दिया था। सबूत मिटाने के लिए उन्होंने फोन के रीसायकल बिन को भी खाली कर दिया था। फिलहाल पुलिस की साइबर और फोरेंसिक टीम डिलीट किए गए इस डिजिटल डेटा को रिकवर करने में जुटी है, ताकि हत्या की मुख्य वजह और साजिश का ठोस सबूत कोर्ट के सामने पेश किया जा सके।

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