बेहद शर्मनाक! पुणे में बैंक एजेंट ने कर्जदार दंपति को लातों और घूंसे से पीटा, वीडियो वायरल

Pune Bank Agent Violence: पुणे के हडपसर में बैंक रिकवरी एजेंट ने कर्जदार दंपति को पीटा। सांसद अमोल कोल्हे ने कार्रवाई और RBI नियमों के पालन की मांग की।
Pune Bank Recovery Agent Assault Hadapsar News
Pune Bank Recovery Agent Assault Hadapsar News (फोटो क्रेडिट-X)
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Pune Bank Recovery Agent Assault: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे के हडपसर इलाके से एक बेहद शर्मनाक और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बैंक के रिकवरी एजेंटों ने कर्ज की किश्त चुकाने में देरी होने पर एक दंपति को बीच सड़क पर घेरकर लातों और घूंसों से बेरहमी से पीटा। इस बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नागरिकों में भारी आक्रोश है और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

शिरूर से सांसद डॉ. अमोल कोल्हे ने इस घटना का वीडियो अपने आधिकारिक 'X' (ट्विटर) हैंडल पर साझा करते हुए राज्य के गृह विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि हडपसर की यह घटना दर्शाती है कि निजी वित्तीय संस्थान और उनके एजेंट अब कानून से ऊपर समझने लगे हैं।

RBI और सुप्रीम कोर्ट के नियमों का उल्लंघन

सांसद कोल्हे ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि वसूली एजेंट सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही कर्जदार से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "किसी भी परिस्थिति में कर्जदार को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना या उसे अपमानित करना एक गंभीर दंडनीय अपराध है। सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ कहा है कि बैंक गुंडों के बल पर कर्ज वसूली नहीं कर सकते।"

कोल्हे ने आगे बताया कि नियमों के अनुसार, वसूली के लिए आने वाले व्यक्ति के पास आधिकारिक पहचान पत्र और बैंक का पत्र होना अनिवार्य है। इस मामले में न केवल एजेंटों ने मारपीट की, बल्कि सार्वजनिक रूप से दंपति की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुँचाई है।

संबंधित बैंक पर भी हो कार्रवाई

अमोल कोल्हे ने मांग की है कि इस मामले में केवल एजेंटों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस बैंक या निजी वित्त कंपनी के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाने चाहिए जिसने इन 'गुंडों' को काम पर रखा था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई बैंक एजेंट कानून का उल्लंघन करता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित बैंक की होगी।

फिलहाल, पुणे पुलिस वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर उन हजारों कर्जदारों के डर को उजागर कर दिया है जो आर्थिक तंगी के कारण अक्सर इन रिकवरी एजेंटों के दुर्व्यवहार का शिकार होते हैं।