

Sanjay Nirupam Attacks Nana Patole: शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने सोमवार को एक वायरल वीडियो की निंदा की, जिसमें कांग्रेस नेता नाना पटोले को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सम्मानित किया जा रहा है और जिसमें दो लोग उनके पैर धोते हुए दिखाई दे रहे हैं। निरुपम ने इस घटना को 'बेहद शर्मनाक बताया। गुरु पूर्णिमा के एक कार्यक्रम के दौरान दो पुरुषों द्वारा वरिष्ठ कांग्रेस नेता नाना पटोले के पैर धोते हुए एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया।
भाजपा ने इस घटना का मजाक उड़ाते हुए इसे कांग्रेस संस्कृति का प्रतिबिंब बताया है। हालांकि, नाना पटोले ने घटना का बचाव करते हुए कहा कि उनके पैर छूने वाले लोग उनके परिवार के युवा सदस्य थे। वायरल वीडियो में पटोले सोफे पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं जबकि दो लोग उनके पैर धो रहे हैं और उन पर फूल बरसा रहे हैं। रस्म के तौर पर उनके पैरों के पास फल भी रखे गए थे।
निरुपम ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया, नाना पटोले का यह वीडियो बेहद शर्मनाक है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उनके तथाकथित शिष्य उनके पैर दूध से धोते हुए दिखाई दे रहे है। बाबा राम रहीम और बाबा रामपाल की तरह नाना पटोले भी घमंड से भरे रवैये के साथ मोबाइल पर स्कॉल करते हुए बैठे हैं।
सबसे पहले तो पैर दूध से धुलवाना किसी आध्यात्मिक गुरु के लिए भी उचित नहीं है, राजनेता की तो बात ही छोड़िए। गुरु पूर्णिमा पर गुरु के प्रति आदर दिखाया जा सकता है लेकिन इस तरह से पैर दूध से धोने का क्या अर्थ है?
उन्होंने बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, यह बहुत अच्छा निर्णय है। अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी के विरोध में उन्होंने जिस तरह का प्रदर्शन किया, वह महज एक नाटक था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विरोध प्रदर्शन सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए अपमानजनक था।
निरुपम ने कहा, मेरा मानना है कि वह प्रस्तुति संपूर्ण सनातन धर्म का अपमान थी। भगवा वस्त्र पहने पप्पू यादव ने साधु का रूप धारण किया और ऐसा अभिनय किया मानों वह दान की रकम चुरा रहा हो। राहुल गांधी भी इस प्रस्तुति का हिस्सा बने। उन्होंने दान करते हुए एक भक्त की भूमिका निभाई, जिसे बाद में पप्पू यादव के किरदार द्वारा चुराया हुआ दिखाया गया।