

मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने कल रात ऑल इंडिया रेडियो विधायक निवास की कैंटीन में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने खराब गुणवत्ता वाला भोजन परोसने के कारण एक कैंटीन कर्मचारी की पिटाई कर दी। बासी चावल और बदबूदार दाल परोसे जाने पर संजय गायकवाड़ नाराज हो गए।
इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए संजय गायकवाड़ ने कहा, "मैं साढ़े पांच साल से मुंबई आ रहा हूं। मैं आमतौर पर कभी बाहर खाना खाने नहीं जाता। मैंने रात 9.30 बजे दाल, वरन, चावल, चपाती का ऑर्डर दिया। पहला निवाला खाने के बाद मुझे बहुत गंदा लगा।"
विधायक संजय गायकवाड़ ने कहा, "दूसरा निवाला खाते ही मुझे उल्टी हो गई। गंध बहुत बुरी थी। ज़हर जैसी थी। चावल बासी था। तीन बार पहले भी ऐसा खाना मिलने के बाद, मैंने मालिक को समझाया। मैं पार्सल अपने साथ ले गया और घटिया खाना खाने के बाद गाड़ी में बैठ गया। सुबह गांव पहुंचने पर मुझे बहुत बेचैनी महसूस हुई।"
शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने एक सरकारी कैंटीन के कर्मचारी की पिटाई की और आरोप लगाया कि वहां खाना घटिया क्वालिटी का परोसा जा रहा था। उन्होंने कहा, "राज्य भर से लोग यहां खाना खाने आते हैं, कर्मचारी, अधिकारी, सभी। चूंकि यह एक सरकारी कैंटीन है, यहां खाने की क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए।"
संजय गायकवाड़ से हाथ उठाने को लेकर पूछने पर उन्होंने कहा कि मैंने उस पर हाथ उठाया, इसका मुझे कोई मलाल नहीं है। इस तरह की हरकत अगर आगे भी होती तो मैं और मारूंगा। इसमें हिंदी-मराठी का कोई लेना-देना नहीं है।
संजय गायकवाड़ ने अधिकारियों से शिकायत के बारे में बताते हुए कहा, "मुझे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। मैं एक जनप्रतिनिधि हूं जब कोई लोकतांत्रिक भाषा नहीं समझता, तो मुझे भी यही भाषा समझनी पड़ती है। मैंने यह देखकर उसकी पिटाई नहीं की कि वह मराठी है या हिंदी। मैंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की थी। मैं इसे दोहराऊंगा।"
इस हंगामे के बाद शिवसेना नेता संजय गायकवाड़ ने इससे संबंधित अधिकारियों से शिकायत की। समिति के चेयरमैन, एमडी को भी शिकायत की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को वह विधानसभा में भी उठाएंगे।