समृद्धि पंचायत राज अभियान से बढ़ेगी ग्रामीण विकास की रफ़्तार, पालघर में मंत्री नाईक ने बढ़ाई उम्मीद
Palghar news: पालघर में आयोजित कार्यशाला में मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान से पंचायतों का सशक्तिकरण होगा और ग्रामीण विकास की रफ़्तार तेज़ होगी।
- Written By: सोनाली चावरे
गणेश नाईक (pic cfredit; social media)
Samridhi Panchayat Raj Abhiyan: ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान का आगाज हुआ है। इसका मक़सद है सक्षम पंचायत राज की स्थापना, पंचायतों का आर्थिक सशक्तिकरण, मनरेगा और ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा नई अभिनव पहलों को ज़मीन पर उतारना। इस अभियान से गांवों की विकास गति कई गुना तेज़ होगी। ऐसा विश्वास राज्य के वन मंत्री व पालघर जिले के पालक मंत्री गणेश नाईक ने व्यक्त किया।
पालघर जिला परिषद कार्यालय में ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग की ओर से इस अभियान की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सांसद डॉ. हेमंत सावरा और विधायक राजेंद्र गावित मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि “ग्राम पंचायतों को समृद्धि की ओर ले जाना है तो सक्षम पंचायत राज व्यवस्था की स्थापना करनी होगी। पंचायतों को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाना और मनरेगा जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना बेहद ज़रूरी है।” उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छ, सुंदर और समृद्ध गांव की अवधारणा तभी साकार होगी जब पंचायत स्तर पर ठोस और व्यावहारिक योजनाएं बनाई जाएंगी।
सम्बंधित ख़बरें
Chandrapur News: चंद्रपुर में छात्रों के समर्थन में बंद और विरोध प्रदर्शन, कई संगठनों ने निकाली रैली
अब आवारा कुत्तों के शरीर में लगेगी माइक्रोचिप, अहिल्यानगर के संगमनेर नगर परिषद में शुरू हुआ अनोखा मिशन
पुणे के मॉडल स्कूल का निर्माण अधूरा, 1.26 करोड़ मंजूर फिर भी छात्रों की सुरक्षा पर खतरा
Gondia News: गोंदिया में अतिक्रमण पर नगर परिषद की सख्ती, 31 जुलाई के बाद शुरू होगी कार्रवाई
इसे भी पढ़ें- अब फंड नहीं मांगेगा वन विभाग, मंत्री नाईक बोले- खुद सरकार को देगा पैसा
पालकमंत्री गणेश नाईक मौसम में बदलाव और प्रकृति में असंतुलन की चुनौतियों का समाधान वृक्षारोपण को बताया। नाईक ने जानकारी दी कि राज्य में 250 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और टिशू कल्चर तकनीक से गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार किए जाएंगे।पालकमंत्री ने ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त बनाने, स्वच्छता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, किसान और मज़दूर कल्याण तथा रोजगार सृजन के क्षेत्र में ठोस काम करने की ज़रूरत पर बल दिया।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह अभियान केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर अगर धरातल पर अमल में उतरा तो गांवों का चेहरा बदल सकता है। पंचायतों के सशक्तिकरण से ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर होगा और गांव आत्मनिर्भर बन सकेंगे। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान से ग्रामीण विकास की गति बढ़ाने और गांवों को आधुनिक स्वरूप देने की ठोस पहल शुरू हो गई है।
