Rohit Pawar Eknath Shinde Flight Controversy (फोटो क्रेडिट-X)
Iran Iraq Airspace Shinde Flight 2023: एनसीपी (एससीपी) विधायक रोहित पवार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साल 2023 के दावोस दौरे को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। रोहित पवार के अनुसार, उस समय मुख्यमंत्री के विमान के साथ एक ऐसी घटना घटी थी जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
रोहित पवार ने बुधवार, 4 मार्च 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे का विमान बिना पूर्व अनुमति के ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र (Airspace) में घुस गया था, जिसके बाद उन देशों की वायु सेना ने विमान को मार गिराने की चेतावनी दी थी।
Mumbai, Maharashtra: NCP (SP) MLA Rohit Pawar says, ”Ajit Pawar, the accident that occurred happened in a plane owned by VSR. We feel that there might be some conspiracy behind this incident. However, when we looked into the matter in detail and conducted some research, we found… pic.twitter.com/BXZw0vceev — IANS (@ians_india) March 6, 2026
बिना अनुमति प्रवेश: रोहित पवार के अनुसार, 16 से 20 जनवरी 2023 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दावोस (स्विट्जरलैंड) जा रहे थे। मुंबई से उड़ान भरने के बाद विमान ईंधन भरवाने के लिए बहरीन में रुका। वहां से आगे बढ़ते समय विमान ने ईरान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया, लेकिन वहां के अधिकारियों को इसकी पूर्व सूचना या अनुमति (Flight Plan) नहीं दी गई थी।
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मार गिराने की धमकी: दावा किया गया है कि ईरानी वायु सेना ने विमान को तुरंत वापस जाने का आदेश दिया और चेतावनी दी कि यदि वह वापस नहीं मुड़ा, तो उसे मार गिराया जाएगा। इसके बाद विमान ने मार्ग बदलकर इराक के हवाई क्षेत्र से जाने की कोशिश की, लेकिन वहां भी सुरक्षा कारणों से उसे चेतावनी मिली और अंततः विमान को वापस बहरीन लौटना पड़ा।
VSR एविएशन पर आरोप: रोहित पवार ने इस लापरवाही के लिए विमान का संचालन करने वाली कंपनी VSR एविएशन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक मुख्यमंत्री के विमान के लिए आवश्यक ‘ओवरफ्लाइट क्लीयरेंस’ क्यों नहीं लिया गया था।
साजिश की आशंका: रोहित पवार ने इस घटना को हाल ही में हुए अजित पवार के विमान हादसे से जोड़ते हुए इसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया। उन्होंने मांग की है कि इस पुराने मामले की भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि क्या महाराष्ट्र के शीर्ष नेताओं की सुरक्षा के साथ जानबूझकर खिलवाड़ किया जा रहा है।