भायंदर: राहगीरों को धूप, बारिश और यातायात जाम से बचाने के लिए भायंदर रेलवे स्टेशन के बाहर बनाया गया है। शेड युक्त फुटपाथ (Footpath) को रिक्शा स्टैंड (Auto Rickshaw Stand) बना दिया गया है। इसका चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। खास बात है कि रिक्शा स्टैंड को मीरा-भायंदर महानगरपालिका (Mira-Bhayander Municipal Corporation) और आरटीओ (RTO) की मंजूरी नहीं है।
बीजेपी में गुटबाजी का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जैसल पार्क क्षेत्र से बीजेपी नगरसेविका शानू गोहिल की निधि से पूर्व में ओस्तवाल शॉपिंग सेंटर के सामने और रेलवे पटरी के सामानांतर (स्टेशन से शिवसेना ऑफिस तक) फुटपाथ और उसके ऊपर शेड का निर्माण चार साल पहले साल 2018 में किया गया था। अब उस पर उनके पैनल और पार्टी के ही नगरसेवक रोहिदास पाटिल ने रिक्शा स्टैंड बनवा दिया हैं। गोहिल पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता गुट और पाटिल जिलाध्यक्ष रवि व्यास गुट के माने जाते हैं।
पाटिल ने दावा किया कि फुटपाथ खाली पड़ा था। उस पर से राहगीर आते-जाते नहीं थे और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था। सड़क पर यातायात जाम होता था। उन्होंने दावा किया कि पहले रिक्शा स्टैंड वहीं पर था इसलिए रिक्शा स्टैंड सड़क से हटवाकर फुटपाथ पर शिफ्ट कराया गया है।
गोहिल ने इसे गलत बताया। कहा कि सड़क की दूसरी दिशा में बीचों-बीच फेरीवाले बैठते हैं। उन्हें हटाकर भी जाम से आराम दिलाया जा सकता था। फुटपाथ पर से स्टैंड हटाने के लिए उन्होंने डीसीपी अमित काले, पीआई रमेश भामे, महानगरपालिका कमिश्नर दिलीप ढोले से जल्द मिलने वाली हैं।
दूसरी तरफ जैसलपार्क कल्याण समिति ने इसकी शिकायत महानगरपालिका कमिश्नर से की है। समिति के महासचिव नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि पहले ट्रेन से उतरने के बाद यात्री फुटपाथ से होते हुए सीधे बाहर निकल जाते थे। इसके उलट अब पैदल यात्री फुटपाथ से सड़क और रिक्शे सड़क से फुटपाथ पर पहुंच गए हैं। रिक्शे छांव में और रेल यात्री चिलचिलाती धूप में खड़े रह रहें हैं। यह महानगरपालिका द्वारा शहर के नागरिकों को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं पर अतिक्रमण हैं।
रेल यात्री संजय अग्रवाल कहते हैं कि फुटपाथ पर राहगीरों का अधिकार है। उस पर अतिक्रमण बर्दास्त नहीं किया जाएगा। बीजेपी नेता रथिन दत्ता कहते हैं कि जनता के पैसे से बनाया गया फुटपाथ जनता के ही काम आना चाहिए इसलिए रिक्शा स्टैंड हटाकर फुटपाथ को तत्काल खाली कराया जाना चाहिए।