

Chennai Mumbai Flight: जीवन में कुछ पल ऐसे होते हैं, जो पद, प्रतिष्ठा और पहचान से परे जाकर मानवता की मिसाल पेश करते हैं। कुछ इस तरह का दृश्य चेन्नई से मुंबई आ रही एक फ्लाइट में घटित हुआ, जब उड़ान के दौरान एक युवक की तबीयत अचानक बेहद गंभीर हो गई।
आसमान में उड़ान के दौरान विमान के कर्मचारियों ने यात्रियों से पूछा कि क्या विमान में कोई डॉक्टर मौजूद है। उस विमान में महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री डॉ. रणजित पाटील भी सफर कर रहे थे। घोषणा सुनते ही डॉ. पाटील तुरंत अपनी सीट से उठे और मदद करने की इच्छा जताई। उस समय करीब 28 से 30 वर्ष का एक युवक गंभीर अवस्था में था। विमान हजारों फीट की ऊंचाई पर था और वहां अस्पताल जैसी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में डॉ. पाटील ने युवक की जांच की और विमान में उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों की मदद से उसे आवश्यक तत्काल उपचार दिया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में युवक के साथ रहकर उसकी स्थिति पर नजर बनाए रखी। समय पर मिली जरूरी चिकित्सा सहायता के बाद युवक की हालत स्थिर होने लगी और उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण मदद मिली।
इस घटना का मानवीय पहलू यह है कि पूर्व मंत्री डॉ. पाटील ने खुद इस बारे में सार्वजनिक चर्चा नहीं की। एक डॉक्टर के रूप में उन्होंने इसे अपना कर्तव्य माना। उस घटना का जिक्र डॉ पाटिल के दामाद एवं युवा सेना के प्रदेश कार्याध्यक्ष पूर्वेश सरनाईक ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि उन्हें डॉ. रणजीत पाटील पर बेहद गर्व है। उनका कहना है कि पद और राजनीतिक पहचान समय के साथ बदल सकती है, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति को उसकी सबसे कठिन घड़ी में बिना किसी अपेक्षा के मदद करना ही इंसान की वास्तविक पहचान है।
डॉ. पाटील का यह व्यवहार बताता है कि सच्ची सेवा के लिए मंच या पद की जरूरत नहीं होती। जरूरत के समय आगे बढ़कर किसी की जिंदगी बचाने की कोशिश करना ही मानवता का सबसे बड़ा परिचय है।