रेलवे आंदोलन से लेकर राम मंदिर तक, महाराष्ट्र सरकार पर जमकर बरसे राज ठाकरे, इन चार मु्द्दों पर की बात

Raj Thackeray Speech: मनसे प्रमुख ने महाराष्ट्र और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। रेलवे आंदोलन, मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार समेत 4 मुद्दों पर रेलवे कामगार सेना के मंच से गरजे राज ठाकरे।
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भाषण के दौरान राज ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Raj Thackeray Attacks Maharashtra Government: महाराष्ट्र नवनिर्माण रेलवे कामगार सेना के स्थापना दिवस के अवसर पर राज ठाकरे ने एक बार फिर अपने चिरपरिचित अंदाज में राज्य और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने 2008 के रेलवे आंदोलन की यादें ताजा करने से लेकर मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट और राम मंदिर चंदा विवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय की।

राज ठाकरे ने 2008 के उस आंदोलन को याद किया जिसने मनसे को रेलवे इंजन का चुनाव चिन्ह दिलाया। उन्होंने बताया कि कैसे उत्तर प्रदेश और बिहार के समाचार पत्रों में विज्ञापनों के कारण शुरू हुए उस संघर्ष के चलते उन पर 110 केस दर्ज हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि उसी आंदोलन का नतीजा था कि ममता बनर्जी के रेल मंत्री बनने के बाद परीक्षाएं स्थानीय भाषाओं में शुरू हुईं और हजारों मराठी युवाओं को नौकरियां मिलीं।

मिसिंग लिंक और सीएम-डिप्टी सीएम पर कटाक्ष

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट में आई खामियों पर राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को घेरा। उन्होंने कहा कि जब प्रोजेक्ट के पिलर गिरते हैं या पानी रिसता है, तो मुख्यमंत्री इसे राजनीति और महाराष्ट्र का अपमान बताते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष में रहते हुए आपने जो आंदोलन किए, क्या वह राजनीति नहीं थी? साथ ही, उन्होंने विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा हिंदी में दिए गए बयान पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या वे दिल्ली के आकाओं को खुश करने के लिए हिंदी बोल रहे थे?

राम मंदिर चंदा चोरी का मुद्दा

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने राम मंदिर के दानपात्र से कथित तौर पर 1400 करोड़ रुपये के गबन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि चोरी पर बोलना धर्म का अपमान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर के ट्रस्ट में बीजेपी और आरएसएस से जुड़े लोग हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर यही घटना किसी गैर-बीजेपी सरकार के समय हुई होती, तो ये संगठन अब तक सड़कों पर उतरकर मोर्चे निकाल रहे होते।

भ्रष्टाचार और जवाबदेही

मुंबई में मामूली बारिश से हुए जलभराव की तुलना 2005 की भयावह स्थिति से करते हुए उन्होंने सरकार को भावना शून्य बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांट्रैक्टरों को 56% तक कमीशन देना पड़ता है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता खराब हो रही है। विंस्टन चर्चिल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता तय करती है कि कौन युद्ध के समय सही है और कौन शांति के समय, शिक्षित समाज ही विकास ला सकता है। अंत में, उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सतर्क रहें और रेलवे में स्थानीय लोगों के हक के लिए हमेशा तैयार रहें।

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