

Ram Kadam On Rahul Gandhi: भाजपा नेता राम कदम ने देश के कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी हैं। उन्होंने महाराष्ट्र की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, राम मंदिर के नए CEO की नियुक्ति और देश की जीडीपी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। साथ विपक्ष के द्वारा की जा राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला है।
भाजपा नेता राम कदम ने महाराष्ट्र की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब दो करोड़ नाम हटाए जाने को लेकर राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने पर विपक्ष EVM पर सवाल उठाता है और जीतने पर उसी EVM को सही बताता है। कदम ने कहा कि यदि मतदाता सूची में एक व्यक्ति का नाम कई बार दर्ज है या किसी मृत व्यक्ति का नाम मौजूद है, तो ऐसे नाम हटाना स्वाभाविक प्रक्रिया है।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति के फैसले का समर्थन करते हुए राम कदम ने कहा कि राम मंदिर 500 वर्षों के संघर्ष और लाखों लोगों के बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मंदिर के प्रशासन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पारदर्शी तरीके से पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति की जा रही है। उनके अनुसार इस पद के लिए करीब 6,000 लोगों ने आवेदन किया था।
देश की 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि पर राहुल गांधी और विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाने पर राम कदम ने कहा कि पूरी दुनिया की जीडीपी ग्रोथ 3 प्रतिशत के करीब है। उससे दोगुने से भी ज्यादा जीडीपी ग्रोथ, जिसके 7 प्रतिशत होने का अनुमान आरबीआई ने लगाया था, अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और देश के 140 करोड़ नागरिकों की कड़ी मेहनत के कारण 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
राम कदम ने कहा कि यह हर सच्चे भारतीय के लिए खुशी की बात है क्योंकि दुनियाभर में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, कई देशों में युद्ध चल रहे हैं और दुनिया भर के देश इन बिगड़ते हालात में अपनी अर्थव्यवस्थाओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इस बीच, भारत उभर रहा है और शीर्ष पर पहुंच रहा है
नेपाल में आई बाढ़ की त्रासदी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राम कदम ने कहा कि भारत संकट की घड़ी में अपने पड़ोसी देश के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि, नेपाल में हुई त्रासदी से पूरी दुनिया दुखी है। क्योंकि नेपाल हमारा पड़ोसी देश, हमारा साथी और हमारा दोस्त है, इसलिए हम शुरू से ही उसके साथ खड़े रहे हैं।
हमारी सरकार की ओर से जो भी जरूरी मदद दी जा सकती थी, वह हम देते रहे हैं। जहां तक मरने वालों की संख्या का सवाल है, सही आंकड़े आने में समय लगेगा क्योंकि यह पहाड़ी और दूर-दराज का इलाका है। अभी भी बहुत सारा मलबा हटाना बाकी है। कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान कुछ भारतीय यात्री वहां फंस गए थे, जिनमें महाराष्ट्र के लोग भी शामिल थे।