

Raj Thackeray Thane Court Case: वर्ष 2008 में रेलवे भर्ती के दौरान उत्तर भारतीय अभ्यर्थियों की पिटाई के मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे बुधवार को ठाणे की अदालत में पेश हुए। उन्होंने न्यायाधीश अभिजीत कुलकर्णी के सभी सवालों का जवाब देते हुए अपराध में शामिल होने से इनकार किया।
अदालत ने राज ठाकरे का बयान दर्ज करने के बाद उन्हें जाने की इजाजत दे दी। इस मामले में कोर्ट ने अगली तारीख 18 मई को मुकर्रर की है। हालांकि उनके वकीलों ने कहा है कि उस दिन राज ठाकरे को पेश होने की ज़रूरत नहीं है।
रेलवे भर्ती के दौरान मनसे की तरफ से यह कहते हुए आंदोलन किया गया था कि परप्रांतीय मराठी मूल के लोगों की नौकरियां छीन ले रहे हैं। ठाणे जिले में उत्तर भारतीय विशेषकर बिहार एवं उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों के साथ मारपीट की गयी थी। राज ठाकरे एवं मनसे कार्यकर्ताओं ने इस विरोध प्रदर्शन में प्रवासियों को निशाना बनाया।
यह भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन में हिंसा को बढ़ावा दिया। इन हमलों के मामले में मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में बुधवार को ठाणे कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने 2008 में कल्याण रेलवे स्टेशन पर प्रवासियों की पिटाई के मामले में राज ठाकरे का बयान दर्ज किया।
महाराष्ट्र नवनिर्माण से के प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि हमारा इस अपराध से कोई लेना-देना नहीं है, मैं उस दिन नाशिक में था। न्यायाधीश ने राज ठाकरे से कुल 7 सवाल पूछे, जिनके जवाब मनसे प्रमुख ने शांति से दिए और सभी आरोपों से इनकार किया।