

Uran Karanja Fishing Harbour Development Fund: महाराष्ट्र सरकार ने कोंकण तटीय क्षेत्र के मछुआरों को बड़ी सौगात देते हुए रायगड जिले के उरण स्थित करंजा मत्स्य बंदरगाह के जीर्णोद्धार और विस्तार के लिए 136.76 करोड़ की भारी-भरकम राशि मंजूर की है। पिछले दो सालों से समुद्र में गाद जमा होने की समस्या से जूझ रहे स्थानीय मछुआरों के लिए यह फैसला किसी जीवनदान से कम नहीं है।
राज्य के मत्स्य एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे के मार्गदर्शन में मत्स्य पालन विभाग द्वारा इस वित्तीय निधि को स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार के इस कदम से न केवल बंदरगाह की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यहां से होने वाले सालाना करोड़ों रुपये के मत्स्य कारोबार को भी नई गति मिलेगी।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए 136.76 करोड़ के बजट से करंजा बंदरगाह पर कुल 21 अलग-अलग बुनियादी ढांचागत और आधुनिक विकास कार्य किए जाएंगे। निर्माण और चौड़ीकरण का यह काम इसी साल नवंबर महीने से शुरू होने की संभावना जताई गई है। इनमें प्रवेश चैनल की खुदाई व चौड़ीकरण, 370 मीटर लंबी अतिरिक्त घाट दीवार का निर्माण और विभिन्न बुनियादी सुविधाओं का उन्नयन शामिल है। इन कार्यों के नवंबर में शुरू होने की उम्मीद है।
अतिरिक्त घाट दीवार: 26.77 करोड़ रुपए की लागत से 370 मीटर लंबी एक नई अतिरिक्त घाट दीवार का निर्माण किया जाएगा, ताकि एक साथ अधिक नौकाओं को लंगर डालने की सुविधा मिल सके।
नेविगेशन चैनल की खुदाई: 21.25 करोड़ रुपए की लागत से प्रवेश चैनल की गहरी खुदाई और चौड़ीकरण किया जाएगा।
अन्य बुनियादी सुविधाएं: शेष 88.75 करोड़ रुपए की राशि बंदरगाह परिसर के कंक्रीटीकरण, 4 नीलामी केंद्र, प्रशासनिक भवन, रेडियो भवन, कैटीन, सुरक्षा केबिन, चारदीवारी सहित अन्य सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे।
इससे पिछले दो वर्षों से गाद जमा होने के कारण परेशान हजारों मछुआरों को राहत मिलने की संभावना है। मत्स्य एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे के मार्गदर्शन में विभाग ने इन कार्यों के लिए निधि मंजूर की है।
बता दें कि रायगड जिले के करंजा मत्स्य बंदरगाह में मछली पकड़ने के मौसम के दौरान करीब 550 करोड़ रुपए की मछलियों का कारोबार होता है। हालांकि, पिछले दो वर्षों से भारी मात्रा में गाद जमा होने के कारण बंदरगाह का संचालन प्रभावित हो रहा हैद्ध कम ज्वार के दौरान मछुआरों को माल उतारने और बंदरगाह से बाहर निकलने के लिए चार से छह घंटे तक इंतजार करना पड़ता है।