स्वाभिमान या औपचारिकता? राज ठाकरे ने सरकार की अनास्था पर उठाए सवाल, मराठी जनता से की बड़ी अपील

Raj Thackeray News: महाराष्ट्र दिवस पर राज ठाकरे ने हुतात्मा स्मारक पर सरकार के अनुत्साह की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठों की नाराजगी के डर से सरकार महाराष्ट्र का गौरव गान नहीं कर रही है।
Self-Respect or Mere Formality? Raj Thackeray Questions the Government's Indifference and Issues a Major Appeal to the Marathi People
हुतात्मा स्मारक की फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Raj Thackeray Slams Government: महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने हुतात्मा चौक (मुंबई) पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सरकार पर तीखा हमला बोला है। राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने महाराष्ट्र दिवस को केवल एक 'सरकारी औपचारिकता' बना दिया है और मुंबई के लिए बलिदान देने वाले हुतात्माओं के प्रति प्रशासन में भारी अनास्था और अनुत्साह नजर आ रहा है।

सरकार पर वरिष्ठों की गुलामी का आरोप

राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हुतात्मा स्मारक की सजावट और वहां का माहौल देखकर ऐसा लगता है कि सरकार में इस दिन को लेकर कोई उत्साह नहीं है। उन्होंने सीधा निशाना साधते हुए कहा, क्या सरकार के मन में यह डर है कि यदि महाराष्ट्र दिवस धूमधाम से मनाया गया, तो ऊपर बैठे उनके वरिष्ठ नाराज हो जाएंगे? ठाकरे का संकेत केंद्र सरकार और उन राज्यों की ओर था, जिनके बारे में अक्सर कहा जाता है कि वे संयुक्त महाराष्ट्र के गठन से आज भी खुश नहीं हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि अगर यह किसी अन्य व्यावसायिक समूह या समुदाय का कार्यक्रम होता, तो सरकार गालिचे बिछा देती और रोशनी से शहर सजा देती, लेकिन महाराष्ट्र के स्वाभिमान के दिन सरकार शोकपूर्ण तरीके से व्यवहार कर रही है।

मराठी मानुष स्मारक को न भूले

राज ठाकरे ने केवल सरकार को ही नहीं, बल्कि मराठी जनता को भी झकझोरा। उन्होंने कहा कि हुतात्मा स्मारक केवल मुंबई का नहीं, बल्कि पूरे राज्य के गौरव का प्रतीक होना चाहिए। इसे एक तीर्थक्षेत्र की तरह विकसित होना चाहिए था, जहां राज्य भर से मराठी लोगों की भीड़ उमड़नी चाहिए थी।

उन्होंने दुख जताते हुए कहा, मुंबई हमारे स्वाभिमान की रीढ़ है। इसे मराठी इंसान ने अपने खून-पसीने से सींचा है और लड़कर हासिल किया है। लेकिन आज हम सब इसे भूलते जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संयुक्त महाराष्ट्र के संघर्ष और बलिदान को विस्मृत न होने दें।

हुतात्मा स्मारक और गगनचुंबी मुंबई

राज ठाकरे ने याद दिलाया कि आज दक्षिण मुंबई में जो गगनचुंबी इमारतें और समृद्धि दिखती है, वह इसलिए संभव हुई क्योंकि यह शहर इस राज्य का हिस्सा बना। उन्होंने मराठी जनता से हाथ जोड़कर विनंती की कि अगली बार 1 मई को हजारों की संख्या में यहां आकर शहीदों को वंदन करें, ताकि सोई हुई सरकार को जागना पड़े। उन्होंने अंत में अपनी बात दोहराई कि जब हम खुद अपनी भाषा, संस्कृति और प्रांत पर गर्व करेंगे, तभी बाहरी लोग हमारा सम्मान करेंगे।

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