

Devendra Fadnavis On Maharashtra Day: मराठी भाषा के अनिवार्य इस्तेमाल को लेकर बढ़ती बहस के बीच महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बात पर जोर दिया कि जहां अपनी मातृभाषा पर गर्व करना जरूरी है, वहीं, राज्य सरकार भाषा के आधार पर होने वाली हिंसा या भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में रहने वाले हर व्यक्ति को स्थानीय भाषा सीखनी चाहिए, उन्होंने भाषाई गौरव के नाम पर हिंसा या डराने-धमकाने के इस्तेमाल के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी।
महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के हुतात्मा चौक स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े और अन्य उपस्थित थे। इससे पहले आज, अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उसे नमन किया। इस अवसर पर पुलिस बल द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को औपचारिक सलामी दी गई।
राज्य सरकार ने रिक्शा चालकों को मराठी बोलने और जिनको नहीं आती उनको सीखने के लिए अनिवार्य कर दिया है। जिसके बाद रिक्शा यूनियनों ने विरोध किया। रिक्शा यूनियनों के विरोध की वजह से सरकार को अनुपालन की समय सीमा अगस्त तक बढ़ानी पड़ी।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने सवाल उठाया कि किसी में मराठी बोलने से इनकार करने की हिम्मत कैसे हो सकती है? जिसके बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। राज ठाकरे ने सरकार की नरमी की आलोचना करते हुए सुझाव दिया कि नियमों का पालन न करने वाले चालकों के परमिट तुरंत रद्द कर दिए जाने चाहिए।
राज ठाकरे को जवाब देते हुए, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र कभी भी संकीर्ण सोच वाला राज्य नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने कभी भी ऐसी मानसिकता नहीं रखी कि प्रवासी यहां न रहें या यहां केवल कुछ खास लोग ही रहें।
उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमें सिखाया है कि 'महाराष्ट्र धर्म' इस तरह के बहिष्कार का समर्थन नहीं करता। मुझे यह देखकर गर्व होता है कि मेरे मराठी भाई देश भर में जिस भी राज्य में रहते हैं, वहां की संस्कृति और विकास में योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाले हर व्यक्ति को मराठी सीखनी चाहिए। उन्होंने जोर-जबरदस्ती को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा निवासियों को भाषा सीखने में मदद करना है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मराठी एक सुंदर और सरल भाषा है, जिसे बिना किसी संघर्ष या हमले का सहारा लिए आसानी से सिखाया जा सकता है।