आपकी चुप्पी नेताओं को बेशर्म बना रही है, राज ठाकरे ने CM देवेंद्र फडणवीस को लिखा ओपन लेटर

Raj Thackeray Open Letter Devendra Fadnavis: मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को खुला पत्र लिखकर बीजेपी नेताओं के अहंकार और संवेदनहीनता पर घेरा।
Raj Thackeray And Devendra Fadnavis
राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखा पत्र (फोटो क्रेडिट-X)
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Raj Thackeray Letter To Fadnavis: महाराष्ट्र की सियासत में मानसून की आफत के बीच एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बेहद तल्ख 'ओपन लेटर' लिखा है।

इस पत्र में राज ठाकरे ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के आक्रामक व असंवेदनशील व्यवहार पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। राज ठाकरे ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को घेरते हुए कहा है कि केंद्र के कुछ नेताओं का अहंकार अब महाराष्ट्र के नेताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है और इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री की चुप्पी अन्य नेताओं को और अधिक 'बेशर्म' बना रही है।

महाराष्ट्र को उत्तर के पिछड़े राज्यों जैसा न बनाएं

अपने पत्र में राज ठाकरे ने महाराष्ट्र की गौरवशाली और शालीन राजनीतिक परंपरा का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने लिखा, "पूरे देश में महाराष्ट्र के नेताओं की समझदारी, राजनीतिक संस्कृति और शालीनता की हमेशा मिसाल दी जाती रही है। लेकिन पिछले कुछ सालों में ऐसा लग रहा है कि आपने भी उत्तर के कुछ पिछड़ी सोच वाले राज्यों की राजनीति का रास्ता अपना लिया है।

दिल्ली में बैठे सेंट्रल लीडर्स अपनी मनमानी कर रहे हैं, जिससे जनता में गुस्सा बढ़ रहा है। दुख की बात यह है कि अब यह बीमारी हमारे महाराष्ट्र में भी फैल रही है और आप इसे मूकदर्शक बनकर देख रहे हैं।"

लोगों की मौत पर मुस्कुरा रहे बीजेपी विधायक

राज ठाकरे के इस गुस्से का मुख्य कारण मुंबई बीजेपी अध्यक्ष और विधायक अमित साटम से जुड़ा एक हालिया विवादित वीडियो है। मुंबई में मानसून के दौरान जलभराव और पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में दो नागरिकों की मौत हो गई थी। इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर बात करते हुए अमित साटम का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे मुस्कुराते हुए कह रहे हैं, “कल एक पेड़ की वजह से मौत थी, आज एक मैनहोल है।”

साटम की इस संवेदनहीनता पर कड़ा ऐतराज जताते हुए राज ठाकरे ने लिखा, "सत्ता इंसान को भ्रष्ट करती है और निरंकुश सत्ता पूरी तरह भ्रष्ट कर देती है। आपके विधायक लोगों की मौत पर कैमरे के सामने मुस्कुरा रहे हैं और उन्हें कोई अफसोस या शर्म नहीं है।"

'बालासाहेब, पवार या प्रमोद महाजन ने कभी गलतियों का बचाव नहीं किया'

मुख्यमंत्री फडणवीस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मनसे प्रमुख ने कहा कि वे हमेशा देवेंद्र फडणवीस को एक सभ्य, सुशिक्षित और संवेदनशील नेता मानते थे, लेकिन इस घटना पर उनकी चुप्पी निराश करने वाली है। ठाकरे ने अपने 37 साल के राजनीतिक करियर का अनुभव साझा करते हुए लिखा, "मैंने अपने पूरे जीवन में बालासाहेब ठाकरे, शरद पवार साहेब या प्रमोद महाजन जैसे महाराष्ट्र के दिग्गज नेताओं को करीब से देखा है।

उन्होंने अपनी पार्टी के किसी नेता की इतनी बड़ी और अमानवीय गलती का कभी बचाव नहीं किया। आज आप अपनों को बचाकर महाराष्ट्र की छवि खराब कर रहे हैं।" राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे थोड़ी सख्ती दिखाएं और अमित साटम जैसे असंवेदनशील नेताओं से तुरंत इस्तीफा मांगें, ताकि जनता में सही संदेश जाए।

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