'मुझसे जन्मदिन पर कोई मिलने न आए', राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर साझा किया भावुक संदेश; जानें ऐसा क्यों कहा?

Raj Thackeray Emotional Message: राज ठाकरे का जन्मदिन 14 जून को है, लेकिन इसके पहले ही उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश लिखा है। उन्होंने इस संदेश के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं।
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राज ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Raj Thackeray On Birthday Shares Emotional Message: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे का आगामी 14 जून को जन्मदिन है। हर साल इस मौके पर उनके समर्थकों में भारी उत्साह रहता है और मुंबई स्थित उनके निवास पर शुभकामनाओं का तांता लगा रहता है। हालांकि, इस साल राज ठाकरे ने अपने जन्मदिन को बिल्कुल अलग और बेहद खास अंदाज में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने अपने महाराष्ट्र सैनिकों और शुभचिंतकों के नाम एक भावुक और प्रेरणादायी सोशल मीडिया संदेश जारी करते हुए इस बार आडंबरों के बजाय पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी है।

आडंबर छोड़िए, जनसेवा को अपनाइए

राज ठाकरे ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि वे इस वर्ष 14 जून को मुंबई में उपलब्ध नहीं रहेंगे, जिसके कारण वे व्यक्तिगत रूप से किसी से नहीं मिल पाएंगे। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से विशेष विनंती की है कि वे हर साल की तरह पुष्पगुच्छ, मिठाई, केक लाने और शहर भर में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाने के बजाय, इस दिन को लोकोपयोगी उपक्रमों के माध्यम से मनाएं। उनका मानना है कि शुभकामनाओं के होर्डिंग्स से शहर को रंगने के बजाय, प्रकृति की सुरक्षा के लिए कदम उठाना अधिक महत्वपूर्ण है।

ऑपरेशन ग्रीन: टिकाऊ वृक्षारोपण पर जोर

राज ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं को राज्य भर में फलदार और फूलदार पेड़ लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल दिखावे के लिए छोटे पौधे न लगाएं, क्योंकि उचित देखभाल के बिना वे अक्सर सूख जाते हैं। इसके बजाय, वे चाहते हैं कि नर्सरी से बड़े और टिकाऊ पौधे लाए जाएं और उन्हें ऐसी जगहों पर रोपा जाए जहां उन्हें पर्याप्त धूप और पानी मिल सके। उन्होंने सावधानी बरतने को कहा है कि पेड़ ऐसी जगह न हों जहाँ भविष्य में सड़क चौड़ीकरण के दौरान उन्हें काटना पड़े। साथ ही, उन्होंने कार्यकर्ताओं को स्थानीय लोगों को इस अभियान में शामिल करने और उन्हें पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपने की सलाह दी है।

बेजुबान पक्षियों और जानवरों की चिंता

बढ़ते तापमान और कम बारिश की आशंका को देखते हुए, राज ठाकरे ने पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने का भी आह्वान किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शहरों और जंगलों की सीमा पर पानी के कुंड तैयार करने को कहा है और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उनमें नियमित रूप से पानी भरा रहे। उन्होंने चंद्रपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वहां प्यास से भटकते जानवरों की खबर मिलते ही उन्होंने तत्काल पानी के कुंड बनवाने के निर्देश दिए थे।

सरकार पर कटाक्ष और भविष्य की चिंता

अपने संदेश में उन्होंने वर्तमान सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज चारों तरफ वृक्ष काटने वालों का राज चल रहा है, जहाँ असली जंगलों को उजाड़कर 'इमारतों के जंगल' खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमने अभी पेड़ नहीं बचाए, तो भविष्य की पीढ़ियों को पेड़ दिखाने के लिए किसी खास जगह ले जाना पड़ेगा।

सोशल मीडिया लाइक्स नहीं, आशीर्वाद कमाएं

अंत में, उन्होंने कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी कि वे इस अभियान को केवल एक दिन का फोटो इवेंट न बनाएं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सोशल मीडिया पर 'लाइक्स' और 'व्यूज' बटोरना नहीं, बल्कि प्रकृति और जनता का आशीर्वाद कमाना होना चाहिए। राज ठाकरे का यह संदेश न केवल उनके कार्यकर्ताओं के लिए एक निर्देश है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में पर्यावरण के प्रति एक नई संवेदनशीलता का संकेत भी है।

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