आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि मंदिर परिसर में ऐसा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं को गर्मी, धूप या बारिश से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार बेहद आवश्यक हो गया था। ट्रस्ट का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हों, जिससे उनका दर्शन अनुभव अधिक सहज और सुगम बन सके।