तालिबानियों जैसा राज ठाकरे का व्यवहार…दर्ज होगी FIR! हिंदी भाषा अनिवार्य विवाद पर गुणरत्न सदावर्ते ने की मांग
Maharashtra politics: महाराष्ट्र में क्लास 1 से 5 तक हिंदी भाषा अनिवार्य करने के मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने विरोध प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के बाद राज ठाकरे को गिरफ्तार करने की मांग उठी है।
- Written By: प्रिया जैस
गुणरत्न सदावर्ते और राज ठाकरे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
मुंबई: स्कूलों में हिंदी भाषा को अनिवार्य किए जाने पर राज्य में बहस छिड़ी हुई है। महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले का मनसे नेता राज ठाकरे और कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की छात्र शाखा के कार्यकर्ताओं ने मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा एक से पांचवीं तक के लिए तृतीय भाषा के रूप में हिंदी को अनिवार्य करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को नवी मुंबई में प्रदर्शन किया।
इस विरोध प्रदर्शन का गुणरत्न सदावर्ते ने विरोध किया है और राज ठाकरे को गिरफ्तार करने की मांग की है। गुणरत्न सदावर्ते वकील है, जो मराठा आरक्षण के खिलाफ मुकदमा लड़ चुके है। गुणरत्न सदावर्ते ने मांग की है कि ‘राज ठाकरे को गिरफ्तार किया जाना चाहिए’। सरकारी निर्णयों को जलाने का कार्य असंवैधानिक है और आपराधिक संहिता के अंतर्गत आता है। राज ठाकरे के कार्यकर्ताओं ने कहा है कि हम हिंदू हैं, हिंदी नहीं। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से नस्लीय भेदभाव पैदा होता है।
राज ठाकरे कानून को समझते हैं या नहीं – सदावर्ते
गुणरत्न सदावर्ते ने कहा, ‘‘सवाल यह है कि राज ठाकरे कानून को समझते हैं या नहीं।’’ गुणरत्न सदावर्ते ने राज ठाकरे पर हमला करते हुए कहा है कि यह राज ठाकरे द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पढ़े बिना अपनी राजनीतिक आग को भड़काने के लिए चलाया जा रहा एक अभियान है। महाराष्ट्र के स्कूलों में कक्षा एक से आगे तक हिंदी भाषा को अनिवार्य बनाने के सरकार के फैसले के खिलाफ मनसे ने आक्रामक रुख अपनाया है।
सम्बंधित ख़बरें
पहली बारिश में ही डगमगाई मुंबई लोकल, 39 फेरे रद्द होने से लाखों यात्री परेशान, पटरियों के नीचे बन रहा गड्ढा
‘बागी सांसदों को अलग गुट के रूप में मान्यता न दें…’, ठाकरे गुट की ओम बिरला के साथ मीटिंग में क्या-क्या हुआ?
औद्योगिक विकास की नई रूपरेखा तैयार करेगा CMIA, ‘नीति से निर्मिति’ के मंत्र के साथ नई टीम का ऐलान
महाराष्ट्र की जेलों में बदलाव की बयार! CM फडणवीस और TISS की पहल से मुख्यधारा में लौट रहे कैदी
गुणरत्न सदावर्ते ने इस पर राज ठाकरे पर निशाना साधा है। इस पर बोलते हुए सदावर्ते ने कहा, “हिंदी भाषा कानून, जो कि एक सरकारी निर्णय है, उसे राज ठाकरे के कार्यकर्ताओं ने जला दिया है।” यह कार्रवाई बहुत गलत है। इसलिए गुणरत्न सदावर्ते ने राज ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसलिए, अपने फायदे के लिए राज ठाकरे ने भाषाई विवाद पैदा करने का सहारा लिया है। यह हृदय विदारक है। सदावर्ते ने तीखी आलोचना करते हुए कहा कि राज ठाकरे जिस तरह से व्यवहार कर रहे हैं, आजादी से पहले या बाद में किसी ने भी इस तरह का तालिबानी व्यवहार नहीं किया।
महाराष्ट्र की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
राज ठाकरे ने पोस्ट से किया था विरोध
राज ठाकरे ने बीते दिन एक लंबा पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसमें लिखा – राज्य विद्यालय पाठ्यक्रम योजना 2024 के अनुसार, महाराष्ट्र में पहली कक्षा से हिंदी अनिवार्य कर दी है। मैं साफ शब्दों में कहता हूं कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना इस अनिवार्यता को बर्दाश्त नहीं करेगी। हम केंद्र सरकार के हर चीज को ‘हिंदीकृत’ करने के मौजूदा प्रयासों को इस राज्य में सफल नहीं होने देंगे। हिंदी कोई राष्ट्रीय भाषा नहीं है। यह देश की अन्य भाषाओं की तरह एक राज्य की भाषा है। इसे शुरू से ही महाराष्ट्र में क्यों पढ़ाया जाना चाहिए? आपका जो भी त्रिभाषी फॉर्मूला है, उसे सरकारी मामलों तक सीमित रखें, शिक्षा में न लाएं।
