पुणे जहरीली शराब कांड: भिवंडी से 5,929 किलो मेथनॉल जब्त, एफडीए ने गोदाम किया सील

Methanol Seized Bhiwandi FDA Action: पुणे में जहरीली शराब से 18 लोगों की मौत के मामले में एफडीए ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भिवंडी से 5,929 किलो मेथनॉल जब्त किया है। सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
Methanol Seized Bhaiwandi FDA Action News
भिवंडी में मेथनॉल ज़ब्ती (सौ. सोशल मीडिया )
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Methanol Seized Bhiwandi FDA Action News: पुणे में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत के मामले में एफडीए ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मौत का कारण बने मेथनॉल की सप्लाई के तार भिवंडी स्थित रेक्स इंटरनेशनल तक पहुंचने के बाद अन्न व औषधि प्रशासन ने छापेमारी कर 5,929 किलोग्राम जहरीला रसायन जब्त कर गोदाम सील कर दिया।

आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबार और जहरीले रसायनों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क पर प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है।

पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत के बाद एफडीए की जांच में खुलासा हुआ है कि मौत का कारण बनी जहरीली शराब में इस्तेमाल किया गया मेथनॉल इसी कंपनी से आपूर्ति किया गया था।

बड़ी मात्रा में मेथनॉल बरामद

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर ठाणे के औषधि निरीक्षक योगेंद्र पोल ने भिवंडी के अंजूर रोड स्थित गोदाम पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में मेथनॉल बरामद हुआ, लेकिन उसके भंडारण, खरीद-बिक्री या उपयोग से संबंधित कोई रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर अधवा वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले।

कंपनी को नोटिस, लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

  • अधिकारियों के अनुसार विषैले पदार्थ अधिनियम के तहत आवश्यक अभिलेखों के अभाव और रसायन के संभावित दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया, पुलिस जांच के अनुसार फुगेवाड़ी में हाथभट्टी की शराब पीने वाले लोगों की मौत के मामले में शराब की आपूर्ति की कड़ी कर्नालसिंह विरका, योगेश वानखेड़े और राजू प्रजापति तक पहुंची।
  • आगे की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि शराब में मिलाया गया मेचनॉल रेक्स इंटरनेशनल से प्राप्त किया गया था। कंपनी के मालिक अरुणकुमार चौबे और अधिकृत प्रतिनिधि अभिषेक चौबे के खिलाफ नारपोली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
  • एफडीए ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उसका लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बरखा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य एवं औषधि क्षेत्र में कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब और अधिक कठोर व सतत कार्रवाई की जाएगी।
  • इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबारियों और मेथनॉल की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क के बीच संबंधों की परते खुलने लगी है। एफडीए ने संकेत दिए हैं कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसे अवैध कारोबार की जांच तेज की जाएगी, ताकि भविष्य में पुणे जैसी त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
  • साथ ही नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए विभाग जल्द ही एक नया मोबाइल ऐप और टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू करेगा, प्रशासन ने लोगों से अवैध दवा बिक्री, मिलावटखोरी और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल देने की अपील की है।
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